कुवैत के पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी (PIFSS) ने अपनी सभी इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं को पूरी तरह से बहाल कर दिया है। 18 मार्च 2026 को संस्था की ओर से आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की गई कि उनकी डिजिटल सेवाएं अब 100 प्रतिशत काम कर रही हैं। यह कदम 8 मार्च 2026 को शुवाइख स्थित मुख्य इमारत पर हुए ड्रोन हमले के बाद उठाया गया है, जिसके कारण सेवाओं में काफी रुकावट आ गई थी। अब नागरिक और कुवैत में रह रहे प्रवासी बिना किसी परेशानी के अपने सभी जरूरी काम ऑनलाइन कर सकेंगे।

🚨: Egypt President El-Sisi का बड़ा ऐलान, खाड़ी देशों की सुरक्षा को बताया मिस्र का हिस्सा, अरब देशों से की ये अपील

किन प्लेटफॉर्म्स पर मिलेगी यह सुविधा

लोग अब बिना मुख्य ऑफिस जाए अपने सोशल सिक्योरिटी से जुड़े सभी लेन-देन और कागजी काम निपटा सकते हैं। इसके लिए सरकार ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।

  • PIFSS App: सोशल इंश्योरेंस के आधिकारिक मोबाइल ऐप पर सभी सेवाएं फिर से लाइव कर दी गई हैं।
  • Sahel App: कुवैत सरकार के इस यूनिफाइड ऐप के जरिए भी नागरिक और प्रवासी अपनी जरूरत के सारे सरकारी काम कर सकते हैं।
  • PIFSS Website: संस्था की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी सभी जरूरी सेवाएं एक्सेस की जा सकती हैं।

मुख्य कार्यालय की इमारत में हुए नुकसान की जांच चल रही है, इसलिए वहां अभी इन-पर्सन काम बंद रखा गया है। दूसरी तरफ बाकी ब्रांच भी अभी केवल 30 प्रतिशत क्षमता के साथ ही काम कर रही हैं। इसलिए डिजिटल सेवाओं का उपयोग करना सबसे आसान विकल्प है।

डेटा सुरक्षा और पेंशन को लेकर आधिकारिक बयान

PIFSS के एक्टिंग डायरेक्टर जनरल खालिद अल-मुधाफ ने स्पष्ट किया है कि हमले और रुकावट के बावजूद सभी नागरिकों और प्रवासियों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। संस्था ने आपातकालीन स्थिति को देखते हुए अपने सिस्टम को सुरक्षित क्लाउड-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट कर दिया है, जिससे डेटा का पूरा बैकअप मौजूद है।

कुवैत में रहने वाले रिटायर्ड लोग, बीमित नागरिक और जीसीसी देशों के निवासियों को अब अपनी मासिक पेंशन, डॉक्यूमेंटेशन और रजिस्ट्रेशन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इस बदलाव से पेमेंट और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में कोई देरी नहीं होगी। इन डिजिटल सेवाओं के लिए कोई नई फीस नहीं लगाई गई है और रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं मुफ्त रखी गई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.