13 मार्च 2026 को कुवैत के विदेश मंत्री को स्पेन और माल्टा के वरिष्ठ नेताओं ने फोन किया. इन बातचीत का मुख्य कारण खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बढ़ता सैन्य तनाव है. कुवैत और इन यूरोपीय देशों के नेताओं ने ईरान की तरफ से हो रहे हमलों पर अपनी चिंता जताई है. कुवैत न्यूज़ एजेंसी के अनुसार यह चर्चा इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए की गई है.

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स्पेन और माल्टा के नेताओं से क्या बात हुई?

स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस और माल्टा के उप प्रधानमंत्री इयान बोर्ग ने कुवैत के विदेश मंत्री से अलग-अलग बात की. इस फोन कॉल का मकसद खाड़ी में बिगड़ते सुरक्षा हालात पर चर्चा करना था. यूरोपीय देशों ने इस मामले में कूटनीतिक बातचीत से हल निकालने की बात कही है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और युद्ध को बढ़ने से रोका जाना चाहिए.

कुवैत और खाड़ी में रहने वाले लोगों पर इसका क्या असर है?

पिछले कुछ दिनों में ईरान की तरफ से बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं. 9 और 10 मार्च को कुवैत की एयर डिफेंस यूनिट ने कई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया था. कुवैत के रक्षा और गृह मंत्रालय ने आम जनता के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं. अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर कहीं भी मिसाइल या ड्रोन के टुकड़े गिरते हैं तो लोग उनके पास ना जाएं.

विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

स्पेन और माल्टा के विदेश मंत्रालय अपने उन नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार संपर्क में हैं जो इस वक्त खाड़ी देशों में रह रहे हैं. अगर हालात ज्यादा बिगड़ते हैं तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी भी की जा रही है. इस तनाव का सीधा असर खाड़ी में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी लोगों पर भी पड़ सकता है क्योंकि यहां के बुनियादी ढांचे पर खतरा बना हुआ है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.