कुवैत सरकार ने देश में मानव तस्करी और प्रवासियों के अवैध व्यापार को रोकने के लिए अपनी राष्ट्रीय रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. न्याय मंत्री नासिर अल-सुमैत की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद 9 अप्रैल 2026 से इन नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है. इससे कुवैत में काम करने वाले विदेशी कामगारों और प्रवासियों को पहले से बेहतर सुरक्षा और कानूनी मदद मिल सकेगी.

नई रणनीति के तहत क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे?

कुवैत की इस नई योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं ताकि प्रवासियों और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उन्हें किसी भी धोखाधड़ी से बचाया जा सके:

  • मानव तस्करी को रोकने के लिए रोकथाम के उपायों को और भी ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा.
  • पीड़ितों को बेहतर सुरक्षा और रहने-खाने की देखभाल देने के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया गया है.
  • दोषियों पर मुकदमा चलाने और उन पर कड़ी निगरानी रखने के लिए अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है.
  • राष्ट्रीय स्थायी समिति हर तीन महीने में कैबिनेट को अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपेगी ताकि काम की निगरानी हो सके.

कुवैत में मानव तस्करी के खिलाफ मौजूदा नियम और कानून

कुवैत सरकार ने प्रवासियों की सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए हैं. इन कानूनों के तहत दोषियों को कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है. नीचे दी गई तालिका में कुछ मुख्य नियमों की जानकारी दी गई है:

नियम / कानून क्या है इसका मतलब?
कानून संख्या 91 (2013) कुवैत में मानव तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाता है, उल्लंघन पर जेल और भारी जुर्माना है.
कानून संख्या 63 (2015) इंटरनेट या सोशल मीडिया के जरिए तस्करी को बढ़ावा देना बड़ा अपराध माना गया है.
विशेष टास्क फोर्स (2025) पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने तस्करी के मामलों की तेजी से जांच के लिए अलग यूनिट बनाई है.
कानूनी मदद (2024) कुवैत बार एसोसिएशन अब पीड़ितों को मुफ्त या आसान कानूनी सहायता प्रदान करेगा.

तकनीक के गलत इस्तेमाल पर सरकार की नजर

कुवैत के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आजकल तस्करी करने वाले गिरोह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीक का इस्तेमाल करके लोगों को फंसा रहे हैं. सरकार अब ऐसी तकनीक विकसित कर रही है जो इन गिरोहों को पकड़ सके. प्रवासियों के लिए राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी कुवैत के इन प्रयासों की तारीफ की है. 2025 की रिपोर्ट में कुवैत की रैंकिंग में सुधार हुआ है, जो यह बताता है कि सरकार प्रवासियों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है.