कुवैत ने साफ कर दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में आता है। कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई एक बैठक में समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत ने जहाजों की आवाजाही की आज़ादी को बनाए रखने की मांग की है और किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया है।

समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर कुवैत का क्या है कहना?

कुवैत ने अपनी बात 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के आधार पर रखी है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह कानून दुनिया के सभी देशों के जहाजों को अंतरराष्ट्रीय रास्तों से गुज़रने का अधिकार देता है। कुवैत ने साफ़ तौर पर कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा जो अंतरराष्ट्रीय नियमों को बदलकर अपनी मनमानी करने की कोशिश करे। इस मामले में कुवैत ने जापान और ब्रिटेन जैसे सहयोगी देशों के साथ तालमेल बढ़ाकर समुद्री रास्तों को खतरों से बचाने पर चर्चा की है।

शिपिंग पर पड़ रहा है असर और कुवैत ने उठाए यह ज़रूरी कदम

क्षेत्र में चल रहे तनाव की वजह से इस समुद्री रास्ते पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में लगभग 94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने भी तेल उत्पादन में कमी की बात कही है क्योंकि शिपिंग में रुकावट आने से ग्लोबल मार्केट पर असर पड़ रहा है। खाड़ी देशों के संगठन (GCC) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे इस रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाएं।

प्रमुख बिंदु विवरण
प्रमुख अधिकारी शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह (विदेश मंत्री)
मुख्य समझौता 1982 UNCLOS (समुद्री कानून)
शिपिंग में गिरावट 94% तक की कमी दर्ज
प्रभावित देश कुवैत, यूएई, ब्रिटेन, जापान और अन्य

कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे समुद्री सुरक्षा को बिगाड़ने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट हों। शिपिंग रूट के ब्लॉक होने या वहां जांच के नाम पर जहाजों को रोकने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है, जो प्रवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.