कुवैत के शेयर बाज़ार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. Al-Shall Consulting की एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, Boursa Kuwait में लिस्टेड ज़्यादातर कंपनियों के शेयर उनकी बुक वैल्यू यानी असली कीमत से काफी ज़्यादा दाम पर बिक रहे हैं. बाज़ार में कीमतों के इस बड़े अंतर की मुख्य वजह लिक्विडिटी यानी पैसों का सही वितरण न होना बताया गया है.
शेयरों की कीमत और बुक वैल्यू का क्या है हाल?
Al-Shall की स्टडी में बताया गया कि मार्च 2026 के अंत तक 63.3% कंपनियां अपनी बुक वैल्यू से ऊपर ट्रेड कर रही थीं. बाज़ार के करीब 25.2% हिस्से वाली 35 कंपनियां ऐसी हैं, जिनके शेयर अपनी असली कीमत से दोगुने से भी ज़्यादा दाम पर बिक रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ, 36.7% कंपनियां ऐसी भी हैं जिनके शेयर बुक वैल्यू से कम दाम पर मिल रहे हैं. लिक्विडिटी कम होने की वजह से अंडरवैल्यूड कंपनियों की संख्या में अब बढ़ोतरी हुई है.
| श्रेणी | कंपनियों की संख्या | प्रतिशत (%) |
|---|---|---|
| बुक वैल्यू से दोगुने से ज़्यादा दाम | 35 | 25.2% |
| बुक वैल्यू से 1% से 99% ऊपर | 53 | 38.1% |
| बुक वैल्यू से कम दाम पर | 51 | 36.7% |
बाज़ार में पैसे की कमी और मुनाफ़े का गणित
रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि बाज़ार में पैसा हर जगह बराबर नहीं पहुँच रहा है. 2026 की पहली तिमाही में कुल लिक्विडिटी का 79.7% हिस्सा सिर्फ प्रीमियर मार्केट के पास रहा. वहीं 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, 135 लिस्टेड कंपनियों का कुल शुद्ध मुनाफ़ा 2.547 बिलियन दीनार रहा, जो 2024 के मुकाबले 6.4% कम हुआ है. यह देखा गया कि ज़्यादातर मुनाफ़ा केवल कुछ बड़ी कंपनियों के पास ही सिमटा हुआ है.
सरकार का नया नियम: अब XBRL सिस्टम से देना होगा हिसाब
Ministry of Commerce and Industry ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नया फैसला लिया है. 1 जनवरी 2027 से सभी कानूनी संस्थाओं के लिए यह ज़रूरी होगा कि वे अपने सालाना वित्तीय विवरण Kuwait Business Center प्लेटफॉर्म के ज़रिए XBRL सिस्टम में जमा करें. सरकार का लक्ष्य इससे डेटा की सटीकता सुधारना और अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाना है, ताकि बेहतर फैसले लिए जा सकें.