Kuwait News: कुवैत ने बढ़ाई समुद्री सुरक्षा, ईरान के हमले के बाद यूएई के समर्थन में उठाया कड़ा कदम

कुवैत के फर्स्ट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और मिनिस्टर ऑफ इंटीरियर शेख फहद यूसेफ सऊद अल-सबाह ने 8 अगस्त 2026 को देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई द्वीपों और समुद्री केंद्रों का दौरा किया। यह दौरा एक बड़ी घटना के बाद हुआ जिसमें कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर ने मिलकर अबू धाबी नेशनल ऑयल के एक जहाज पर हुए ईरानी मिसाइल हमले की कड़ी निंदा की। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के खिलाफ बताया।
समुद्री गठबंधन और क्षेत्रीय सुरक्षा
कुवैत इस समय क्षेत्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए लगातार काम कर रहा है। पिछले महीने 30 जुलाई 2026 को कुवैत एक नए 14-देशों वाले समुद्री रक्षा गठबंधन में शामिल हुआ था। इस गठबंधन में सऊदी अरब, बहरीन और कतर भी शामिल हैं। सऊदी अरब ने इस गठबंधन के लिए 7 अगस्त 2026 को एक कमांडर नियुक्त किया था और इसका ढांचा तैयार करने के लिए 12-13 अगस्त को एक अहम बैठक तय की गई है। जॉर्डन, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई और ओमान में हवाई क्षेत्र खुले होने के बावजूद ईरान और हूती संगठनों की तरफ से खाड़ी देशों में सुरक्षा का खतरा लगातार बना हुआ है।
ईरान की चेतावनी और भारत-प्रवासी असर
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब 6 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की तरफ से ईरान पर दोबारा हमले हुए तो तेल क्षेत्रों, रिफाइनरी, बिजली ग्रिड और परिवहन नेटवर्क को निशाना बनाया जा सकता है। कुवैत ने 21 जुलाई 2026 को भी हूती खतरों के बीच सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दिखाई थी और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया था। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय कामगारों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा की यह स्थिति बेहद जरूरी है क्योंकि किसी भी तरह के क्षेत्रीय तनाव से यहां के कामगारों की रोजी-रोटी और जीवन पर सीधा असर पड़ सकता है।