कुवैत सरकार ने नागरिकता के नियमों को सख्त करते हुए एक और बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में जारी दो फैसलों के बाद 172 लोगों की कुवैती नागरिकता छीन ली गई है। यह जानकारी आधिकारिक गजट ‘Kuwait Alyawm’ में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की गई। सरकार अब उन लोगों पर सख्ती कर रही है जिन्होंने गलत तरीके से या नियमों के खिलाफ जाकर नागरिकता ली थी।

किन लोगों की नागरिकता रद्द हुई और क्यों?

कुवैत के नागरिकता जांच सुप्रीम कमेटी ने यह फैसला 1959 के नागरिकता कानून के तहत लिया है। इसमें 6 महिलाओं की नागरिकता आर्टिकल 10 के तहत छीनी गई क्योंकि उन्होंने विदेशी नागरिकों से शादी कर उनकी नागरिकता अपना ली थी। वहीं, बाकी 166 लोगों ने अपनी मर्जी से किसी दूसरे देश की नागरिकता ले ली थी, इसलिए उन पर आर्टिकल 11 लागू किया गया और उनकी कुवैती नागरिकता खत्म कर दी गई।

कुवैत में चल रहा है नागरिकता रद्द करने का बड़ा अभियान

कुवैत में यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से नागरिकता की बड़े पैमाने पर जांच चल रही है। दिसंबर 2023 में अमीर मेशाल अल-अहमद के सत्ता संभालने के बाद से यह अभियान काफी तेज हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 से अब तक करीब 70,000 लोगों की नागरिकता छीनी जा चुकी है। सरकार अब उन लोगों को बाहर कर रही है जिन्होंने धोखाधड़ी या गलत कागजात के जरिए नागरिकता हासिल की थी।

सरकार का फैसला और अब तक का डेटा

प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद यूसुफ अल-सबाह ने साफ किया कि यह कदम सिस्टम की गलतियों को सुधारने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना देश के हित में है, भले ही यह फैसला कुछ लोगों के लिए मुश्किल हो। नागरिकता रद्द करने की इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

तारीख/समय नागरिकता छीने गए लोगों की संख्या कारण
21 अप्रैल 2026 172 दोहरी नागरिकता और विदेशी विवाह
19 अप्रैल 2026 2,182 नया नागरिकता कानून संशोधन
15 अप्रैल 2026 146 आर्टिकल 10 और 11 का उल्लंघन
13 अप्रैल 2026 2,182 निर्भरता और अन्य कारण
जनवरी 2025 5,838 धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा
मार्च 2024 से अब तक करीब 70,000 व्यापक नागरिकता समीक्षा अभियान
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.