कुवैत सरकार ने नागरिकता रद्द करने की अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। ताजा अपडेट में दो नए सरकारी आदेश जारी किए गए हैं, जिनके जरिए 6 लोगों की नागरिकता वापस ले ली गई है। इस कार्रवाई में उन लोगों को भी शामिल किया गया है जिन्होंने दूसरों के जरिए या निर्भरता के आधार पर नागरिकता हासिल की थी।

यह जानकारी रविवार, 28 जून 2026 को सरकारी गजट Kuwait Alyoum में प्रकाशित हुई। सरकार ने इसके लिए दो अलग-अलग डिक्री (आदेश) जारी किए हैं। पहला आदेश संख्या 101/2026 है, जिसके तहत 5 लोगों के नागरिकता सर्टिफिकेट वापस ले लिए गए हैं। यह कार्रवाई कुवैती नागरिकता कानून के अनुच्छेद (21 bis “A”) के तहत की गई है।

वहीं, दूसरे आदेश संख्या 102/2026 के जरिए एक व्यक्ति और उन सभी लोगों की नागरिकता रद्द कर दी गई है, जिन्होंने उस व्यक्ति के जरिए नागरिकता प्राप्त की थी। कानून के मुताबिक, अगर किसी ने धोखाधड़ी, गलत बयान या झूठे सबूतों के आधार पर नागरिकता ली है, तो सरकार उसे वापस ले सकती है।

बदले हुए नियम और सख्त कार्रवाई

कुवैत ने अपनी नागरिकता कानून में बड़े बदलाव किए हैं। 13 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए कानून (डिक्री-लॉ संख्या 52) ने नागरिकता रद्द करने के दायरे को बढ़ा दिया है। अब इन स्थितियों में नागरिकता छीनी जा सकती है:

  • आवेदन के दौरान गलत या फर्जी जानकारी देना।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी पाया जाना।
  • सार्वजनिक व्यवस्था या राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँचाने वाले काम करना।

नए कानून के अनुच्छेद 22 में यह साफ किया गया है कि नागरिकता से जुड़ा कोई भी फैसला सरकार का संप्रभु अधिकार होगा और इसे किसी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।

बड़े पैमाने पर चल रहा है अभियान

कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahd Al-Yousef ने पहले ही चिंता जताई थी कि कुछ सरकारी अधिकारी और न्यायपालिका के सदस्य भी नागरिकता के फर्जीवाड़े में शामिल हो सकते हैं। सरकार इस पूरे अभियान को देश के रिकॉर्ड्स की “सफाई” मान रही है ताकि फर्जी नागरिकता को खत्म किया जा सके।

आंकड़ों के मुताबिक, 4 मार्च 2024 से अब तक कुवैत में नागरिकता रद्द करने का एक बड़ा दौर चल रहा है, जिसमें अब तक 43,000 से ज्यादा लोग अपनी नागरिकता खो चुके हैं। इसी साल अप्रैल 2026 में एक पूर्व सांसद और राष्ट्रीय टीम के फुटबॉलर सहित 1,266 लोगों की नागरिकता छीनी गई थी। जून 2026 के महीने में ही आठ अलग-अलग आदेशों के जरिए 2,192 लोगों की नागरिकता रद्द की जा चुकी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com