कुवैत और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में कुवैत के हवाई क्षेत्र में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कुवैत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) को दूसरी बार आधिकारिक विरोध पत्र भेजा है। इस हमले के कारण कुवैत को अपना एयरस्पेस तक बंद करना पड़ा था, जिससे कई उड़ानों को डायवर्ट किया गया। इस घटना का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लाखों प्रवासियों पर भी पड़ रहा है।

6 जून को क्या हुआ था कुवैत के आसमान में?

कुवैत के सैन्य बलों ने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की ओर से दागी गईं 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का पता लगाया और उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 6 जून 2026 को सुबह 4:15 बजे से 6:15 बजे तक कुवैत का हवाई क्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।

  • इस हवाई बंदी की वजह से कुवैत एयरवेज और जज़ीरा एयरवेज की लगभग 11 फ्लाइट्स को पड़ोसी देशों के हवाई अड्डों पर डायवर्ट करना पड़ा।
  • सुबह 6:15 बजे स्थिति सामान्य होने और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद हवाई यातायात को दोबारा बहाल किया गया।

कुवैत ने ICAO को क्यों भेजा दूसरा विरोध पत्र?

कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने ईरान की इन हरकतों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) में दूसरी बार अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। कुवैत का कहना है कि ईरान के ये हमले अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन समझौतों का उल्लंघन हैं और इससे आम यात्रियों और उड़ानों की सुरक्षा को बड़ा खतरा है।

  • इससे पहले मार्च 2026 में भी कुवैत ने ICAO में ईरान के खिलाफ पहला विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद ICAO काउंसिल ने ईरान की निंदा की थी।
  • 3 जून 2026 को कुवैत के उप विदेश मंत्री राजदूत हमद अल मेशान ने ईरानी दूतावास को विरोध पत्र सौंपकर दो ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश भी दिया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने ईरान के खिलाफ ICAO को कब-कब शिकायत भेजी है?

कुवैत ने पहली शिकायत मार्च 2026 में दर्ज कराई थी और दूसरी आधिकारिक शिकायत 7 जून 2026 को हवाई क्षेत्र पर हुए मिसाइल हमलों के बाद भेजी है।

ईरान के हमले के कारण कुवैत की किन एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुईं?

इस हमले के दौरान कुवैत एयरवेज और जज़ीरा एयरवेज की 11 उड़ानों को अस्थायी रूप से पड़ोसी देशों के एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट किया गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.