Kuwait सरकार ने ईरान के राजदूत Mohammad Toutonchi को तलब किया है. वजह है Boubyan Island में IRGC जवानों की घुसपैठ और वहां हुई गोलीबारी. इस घटना के बाद कुवैत ने ईरान के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है और अपनी संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही है.

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Boubyan Island पर असल में क्या हुआ था

1 मई 2026 को ईरान के IRGC सदस्य समुद्र के रास्ते Boubyan Island में घुसने की कोशिश कर रहे थे. वहां तैनात Kuwaiti army के जवानों के साथ उनकी मुठभेड़ हुई और गोलीबारी हुई. इस लड़ाई में कुवैत का एक जवान घायल हो गया.

  • सुरक्षा बलों ने 4 लोगों को पकड़ लिया, जिन्होंने माना कि वे IRGC के अफसर हैं.
  • पकड़े गए लोगों में दो नेवल कर्नल, एक कप्तान और एक लेफ्टिनेंट शामिल हैं.
  • इस झड़प के दौरान 2 IRGC सदस्य भागने में कामयाब रहे.

ईरानी राजदूत को बुलाकर कुवैत ने क्या कहा

मंगलवार 12 मई 2026 को कुवैत के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Hamad Al-Mashaan ने ईरानी राजदूत को बुलाकर विरोध पत्र सौंपा. कुवैत ने इस घुसपैठ को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN Security Council के Resolution 2817/2026 का खुला उल्लंघन बताया है.

कुवैत सरकार ने साफ किया कि वह UN चार्टर के Article 51 के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा हक रखती है. ईरान से मांग की गई है कि वह ऐसी हरकतों को तुरंत और बिना किसी शर्त के बंद करे. कुवैत ने इस पूरी घटना के लिए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है.

क्षेत्र में बढ़ते तनाव की बड़ी वजह

फरवरी के अंत से मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात हैं. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान ने गल्फ देशों के खिलाफ जवाबी अभियान शुरू किया था. तब से अब तक कुवैत ने 4 बार ईरानी राजदूत को तलब किया है.

यह घटना गल्फ देशों में IRGC की जासूसी और साजिशों के बढ़ते खतरे को सामने लाती है. इस तनाव का असर क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी पड़ता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Boubyan Island पर घुसपैठ की घटना कब हुई थी

यह घटना 1 मई 2026 को हुई थी, जिसमें IRGC सदस्यों और कुवैत की सेना के बीच गोलीबारी हुई थी.

इस मामले में कितने ईरानी नागरिक पकड़े गए हैं

कुवैत की इंटीरियर मिनिस्ट्री के अनुसार 4 लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें दो नेवल कर्नल, एक कप्तान और एक लेफ्टिनेंट शामिल हैं.