कुवैत और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। कुवैत सरकार ने मंगलवार 12 मई 2026 को ईरान के राजदूत मोहम्मद तूतुनजी को तलब किया और उन्हें एक विरोध पत्र सौंपा। यह बड़ा कदम बुबियान आइलैंड पर हुई एक सशस्त्र घुसपैठ के बाद उठाया गया है।

बुबियान आइलैंड पर घुसपैठ और मुठभेड़ की पूरी जानकारी

जानकारी के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक सशस्त्र समूह ने कुवैत के बुबियान आइलैंड में घुसपैठ की थी। वहां कुवैत की सेना और घुसपैठियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक सुरक्षा अधिकारी घायल हो गया। इस घटना के बाद कुवैत की सेना ने कार्रवाई की और चार घुसपैठियों को पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों ने कबूल किया कि वे IRGC से जुड़े हैं और उन्हें वहां हमला करने के लिए भेजा गया था, जबकि दो अन्य लोग भागने में सफल रहे।

कुवैत सरकार ने क्या कहा और क्या चेतावनी दी

कुवैत के विदेश मंत्रालय और डिप्टी विदेश मंत्री राजदूत हमद सुलेमान अल-मशान ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। सरकार ने इसे कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और एक शत्रुतापूर्ण कार्य बताया। आधिकारिक बयान में इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 (2026) का गंभीर उल्लंघन कहा गया है। कुवैत ने ईरान से मांग की है कि ऐसी हरकतें तुरंत बंद हों और इस हमले के लिए तेहरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही, कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार को दोहराया है और कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने ईरान के राजदूत को क्यों बुलाया?

बुबियान आइलैंड पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सशस्त्र समूह द्वारा की गई घुसपैठ और कुवैत की सेना के साथ हुई मुठभेड़ के कारण राजदूत को विरोध पत्र सौंपने के लिए बुलाया गया।

घुसपैठ की घटना में क्या नुकसान हुआ और कितने लोग पकड़े गए?

इस घटना में कुवैत का एक सुरक्षा अधिकारी घायल हुआ। सुरक्षा बलों ने चार घुसपैठियों को गिरफ्तार किया जिन्होंने IRGC से संबंध होने की बात मानी, जबकि दो लोग फरार हो गए।