Kuwait और Iran के बीच बढ़ता तनाव अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 25 मार्च 2026 को कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत Mohammad Toutounji को तीसरी बार तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह कदम कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ताजा ड्रोन हमले के बाद उठाया गया है, जहां एक नागरिक सुविधा के फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया जिससे वहां आग लग गई। कुवैत सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया है।

कुवैत में हुए हमलों का पूरा ब्यौरा क्या है?

कुवैत पिछले कुछ हफ्तों से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। 25 मार्च को कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई दुश्मन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया। नेशनल गार्ड ने जानकारी दी कि उन्होंने अपनी सुरक्षा वाले इलाकों में एक UAV और पांच ड्रोन मार गिराए हैं। इन हमलों का असर आम जनता पर भी पड़ा है क्योंकि बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया।

  • एयरपोर्ट हमला: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईंधन टैंकों पर ड्रोन से हमला हुआ।
  • बिजली संकट: 24 मार्च को हुए हमले में 7 पावर लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे रिहाइशी इलाकों में बिजली गुल रही।
  • सैन्य कार्रवाई: कुवैत की सेना लगातार हवाई खतरों को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है।

कुवैत सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

कुवैत के कार्यवाहक उप विदेश मंत्री Ambassador Aziz Rahim Al-Deihani ने ईरानी राजदूत को साफ शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इन हमलों से क्षेत्रीय शांति को खतरा पैदा हो रहा है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 का हवाला देते हुए कहा कि उसे अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। सरकार ने साफ किया है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और किसी भी देश पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तारीख प्रमुख घटना
28 फरवरी 2026 पहली बार ईरानी राजदूत को विरोध के लिए बुलाया गया
9 मार्च 2026 बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद दूसरी बार समन जारी
24 मार्च 2026 13 ड्रोन और 17 मिसाइलों से कुवैत पर बड़ा हमला हुआ
25 मार्च 2026 एयरपोर्ट पर हमला और तीसरी बार राजदूत को तलब किया गया

कुवैत ने ईरान से मांग की है कि इन हमलों को तुरंत रोका जाए और इसके परिणामों के लिए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा। कुवैत में रहने वाले प्रवासी और भारतीय समुदाय भी इन घटनाओं को करीब से देख रहे हैं, क्योंकि एयरपोर्ट और बिजली जैसी बुनियादी सेवाओं पर हमलों का सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।