कुवैत ने नीदरलैंड और बेल्जियम की ओर से इसराइली बस्तियों के सामान पर लगाए गए प्रतिबंध का समर्थन किया है। इस बात की जानकारी कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) ने 23 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर दी। कुवैत का यह कदम कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों में बस्तियों की वैधता को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच आया है।

नीदरलैंड और बेल्जियम का फैसला

नीदरलैंड ने 21 जुलाई 2026 को यह बैन घोषित किया, जो 22 सितंबर 2026 से लागू होगा। यह प्रतिबंध 3 साल के लिए रहेगा। इसके तहत इसराइली बस्तियों और कब्जे वाले गोलान हाइट्स से आने वाले सामान को खरीदना, बेचना या आयात करना पूरी तरह बंद होगा। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten ने कहा कि उनका देश किसी भी गैरकानूनी कब्जे का हिस्सा नहीं बनना चाहता। बेल्जियम की सरकार ने भी 18 जुलाई 2026 को इस बैन को मंजूरी दी है, जिसके नियम अभी तय किए जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समर्थन और प्रतिक्रिया

कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का हिस्सा बताया। फिलिस्तीन के उपराष्ट्रपति Hussein Al Sheikh ने भी इस कदम की सराहना की और अन्य देशों से भी ऐसा करने की अपील की। यूरोप के कई देश जैसे फ्रांस, आयरलैंड, स्पेन और स्लोवेनिया भी इस तरह की कार्रवाई के पक्ष में हैं, हालांकि जर्मनी और इटली ने पूरी तरह से आयात पर रोक लगाने का विरोध किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.