UAE में हाल ही में हुए ईरानी हमलों के बाद कुवैत सरकार ने अपना कड़ा रुख अपनाया है। कुवैत की कैबिनेट ने साफ कहा है कि वह इस मुश्किल घड़ी में UAE के साथ खड़ा है। इन हमलों में नागरिक इलाकों और तेल टैंकर को निशाना बनाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

UAE में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?

UAE सरकार ने बताया कि ईरान की तरफ से 15 मिसाइल और 4 ड्रोन दागे गए, जिन्हें सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया। हालांकि, एक ड्रोन हमला Fujairah Petroleum Industries Zone में हुआ, जिससे वहां बड़ी आग लग गई। इस हादसे में 3 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा, Strait of Hormuz में एक खाली कच्चे तेल के टैंकर पर भी हमला हुआ, जो एक सरकारी कंपनी से जुड़ा था।

कुवैत और अन्य देशों का क्या कहना है?

Kuwait News Agency (KUNA) के मुताबिक कुवैत की कैबिनेट ने UAE को अपना पूरा समर्थन और एकजुटता दी है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “दुश्मनी भरा कदम” बताया और कहा कि यह समुद्री सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan से फोन पर बात की और इन हमलों की कड़ी निंदा की। इनके अलावा सऊदी अरब, कतर, बहरीन, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

ईरान का स्टैंड और वर्तमान स्थिति

इन सभी गंभीर आरोपों के बावजूद ईरान ने इन हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि 8 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम के बाद पहली बार UAE को निशाना बनाया गया है। कुवैत ने मांग की है कि समुद्री रास्तों को राजनीतिक दबाव के लिए इस्तेमाल न किया जाए ताकि व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में हुए हमलों में कौन घायल हुआ है?

Fujairah Petroleum Industries Zone में हुए ड्रोन हमले के कारण लगी आग में 3 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।

कुवैत ने UAE के समर्थन में क्या कदम उठाए?

कुवैत की कैबिनेट और विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर UAE के साथ एकजुटता जताई है और उनके विदेश मंत्री ने UAE के विदेश मंत्री से बात कर हमलों की निंदा की है।