खाड़ी क्षेत्र में तनाव फिर से बढ़ गया है। 20 जुलाई 2026 की शाम को कुवैत के तेल टैंकर Kaifan पर एक अज्ञात मिसाइल या ड्रोन से हमला किया गया। यह घटना Strait of Hormuz के पास हुई, जिसमें टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई। इस हमले में कई चालक दल के सदस्य घायल हुए, जिन्हें बाद में ओमान के अधिकारियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
कुवैत ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार
इस हमले के बाद कुवैत सरकार ने 21 जुलाई 2026 को ईरान के राजदूत Mohammad Tootunchi को तलब किया और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान को इस हमले का मुख्य जिम्मेदार माना है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कथित तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
कतर ने की हमले की निंदा
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि यह हमला बहरीन, जॉर्डन और कुवैत जैसे देशों के खिलाफ एक खतरनाक कदम है। कतर ने इसे नेविगेशन सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बताया है। बता दें कि 28 फरवरी 2026 से ही खाड़ी देशों में तनाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर वहां काम कर रहे प्रवासियों और व्यापारिक जहाजों पर पड़ रहा है।
