कुवैत की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। इस घटना पर UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कुवैत का पूरा साथ देने और उसकी सुरक्षा में मदद करने का वादा किया है।

कुवैत में क्या हुआ और कितने लोग पकड़े गए?

कुवैत के गृह मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने देश की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने और आतंकी संगठनों की फंडिंग करने की एक कोशिश को समय रहते रोक दिया। इस मामले में अब तक 24 नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लोगों में कुवैत के नागरिक और वे लोग शामिल हैं जिनकी नागरिकता रद्द कर दी गई थी। इसके अलावा विदेशों से जुड़े कुछ ईरानी और लेबनानी नागरिकों की भी पहचान हुई है।

UAE सरकार ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?

शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने इस आतंकी साजिश की कड़ी निंदा की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुवैत की सुरक्षा को UAE की अपनी सुरक्षा का हिस्सा माना जाता है। UAE सरकार कुवैत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का पूरा समर्थन करती है। उन्होंने कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ की जिन्होंने अपनी सतर्कता से इस खतरे को पहचान लिया और साजिश को नाकाम कर दिया।

इस साजिश के पीछे किसका हाथ था?

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इस पूरी साजिश के पीछे प्रतिबंधित हेज़बोल्लाह आतंकी संगठन से जुड़े नेटवर्क का हाथ था। यह संगठन कुवैत में अराजकता फैलाने और सुरक्षा व्यवस्था को ठप करने की कोशिश कर रहा था। UAE ने एक बार फिर दोहराया कि वह आतंकवाद और कट्टरपंथ के हर रूप का विरोध करता है और दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर इसे खत्म करने के लिए तैयार है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.