कुवैत सरकार ने मानव तस्करी और प्रवासियों की तस्करी रोकने के लिए अपनी कमर कस ली है. न्याय मंत्री Nasser Al-Sumait की अध्यक्षता में हुई एक बड़ी बैठक के बाद अब नेशनल स्ट्रेटजी को जमीन पर उतारा जा रहा है. इस कदम का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अवैध तरीके से वीज़ा का कारोबार करते हैं या प्रवासियों को धोखा देते हैं.

कुवैत सरकार की नई रणनीति में क्या है खास?

सरकार ने तस्करी रोकने के लिए एक पूरा ढांचा तैयार किया है जिसे अब लागू किया जा रहा है. इसमें पीड़ितों को सुरक्षा देना, अपराधियों पर सख्त निगरानी रखना और कानूनी कार्रवाई को तेज करना शामिल है. इस पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट हर तीन महीने में कैबिनेट को सौंपी जाएगी ताकि काम की रफ्तार पता चल सके. कानून नंबर 91 (2013) के तहत अब संगठित गिरोहों और सीमा पार तस्करी करने वालों को और भी कड़ी सजा दी जाएगी.

वीज़ा ट्रेडिंग करने वालों की अब खैर नहीं, क्या है नया नियम?

कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि जनवरी 2025 से लागू नए रेजिडेंसी कानून में ‘वीज़ा ट्रेडिंग’ को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. अब वीज़ा का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.

जुर्माना और सजा विवरण
जेल की सजा 5 साल तक की कैद हो सकती है
आर्थिक जुर्माना 10,000 कुवैती दीनार (करीब 32,500 डॉलर) तक का जुर्माना

तस्करी रोकने के लिए अब AI और स्पेशल टीम का होगा इस्तेमाल

पब्लिक प्रोसिक्यूशन के अधिकारी Fahad Al-Mutairi ने बताया कि आजकल तस्करी करने वाले गिरोह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे रोकने के लिए अब सरकार काउंटर-AI टूल्स विकसित करेगी और टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी. साथ ही, अटॉर्नी जनरल Saad Al-Safaran ने एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है जो तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की गहराई से जांच करेगी.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com