ओमान में विदेशी निवेश के मामले में कुवैत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. ताज़ा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अरब देशों में कुवैत ओमान में सबसे ज़्यादा निवेश करने वाला देश बन गया है. पूरी दुनिया के स्तर पर भी कुवैत का नाम तीसरे नंबर पर आया है. यह जानकारी कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) ने साझा की है.
कुवैत के निवेश का पूरा हिसाब-किताब
ओमान के नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन (NCSI) के डेटा से पता चला है कि कुवैत ने ओमान के बाज़ार में अपना भरोसा बढ़ाया है. 2025 की तीसरी तिमाही तक कुवैत का निवेश काफी बढ़ा है और अब वह ब्रिटेन और अमेरिका के बाद तीसरे सबसे बड़े निवेशक के रूप में खड़ा है.
| समय (Period) | निवेश राशि (Investment Amount) | ग्लोबल रैंक (Global Rank) |
|---|---|---|
| सितंबर 2025 तक | RO 1.37 अरब | तीसरा |
| पहली तिमाही 2025 | OMR 1.2 अरब | तीसरा |
| तीसरी तिमाही 2024 | OMR 833.5 मिलियन | चौथा |
ओमान में निवेश क्यों बढ़ रहा है
कुवैत और अन्य देशों से आने वाले निवेश के पीछे ओमान सरकार के कई बड़े फैसले हैं. निवेश के माहौल को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं ताकि बाहरी कंपनियां वहां आसानी से काम कर सकें.
- विज़न 2040: ओमान अपनी अर्थव्यवस्था को विविधता देने के लिए विज़न 2040 पर काम कर रहा है.
- नए नियम: निवेश से जुड़े कानूनों को अपडेट किया गया है और निवेशकों को कई छूट दी गई हैं.
- स्पेशल ज़ोन: स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन का विस्तार किया गया है जिससे बिजनेस करना आसान हुआ है.
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: ‘Invest Oman’ प्लेटफॉर्म के जरिए नए निवेश के मौकों को प्रमोट किया जा रहा है.
- शाही निर्देश: निवेश के माहौल को सुधारने के लिए शाही स्तर पर निर्देश दिए गए हैं.
आम निवेशकों और प्रवासियों पर क्या होगा असर
जब दो देशों के बीच निवेश बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वहां काम करने वाले प्रवासियों और बिजनेस करने वालों पर पड़ता है. ओमान के प्रोडक्शन और सर्विस सेक्टर में कुवैती पूंजी आने से नए प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे, जिससे रोजगार के नए मौके खुल सकते हैं. खासकर उन प्रवासियों के लिए जो फाइनेंस और मैनेजमेंट सेक्टर में काम करते हैं, यह एक सकारात्मक संकेत है.
