कुवैत की कोर्ट ऑफ अपील ने ड्रग तस्करी के मामले में एक तुर्की नागरिक की मौत की सजा को बरकरार रखा है। यह व्यक्ति एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया था। कुवैत सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी सख्त नीति साफ कर दी है, जिससे वहां रहने वाले सभी प्रवासियों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कस्टम अधिकारियों ने एक तुर्की नागरिक पर शक होने के बाद उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से 102 ग्राम कोकीन और 22.4 ग्राम साइकोट्रोपिक पदार्थ मिले। इन नशीले पदार्थों का इस्तेमाल तस्करी और नशे के लिए किया जाना था। गिरफ्तारी के बाद मामला कानूनी अधिकारियों को सौंपा गया और अब कोर्ट ने मौत की सजा को सही ठहराया है।
कुवैत का नया ड्रग कानून और प्रवासियों पर असर
कुवैत ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपने नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। अमीरी डिक्री-लॉ नंबर 59 (2025) के तहत अब गंभीर ड्रग तस्करी के मामलों में मौत की सजा का प्रावधान है। यह कानून संगठित तस्करी, जेल में ड्रग्स भेजने या आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल करने वालों पर लागू होता है।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) सुरक्षा जांच को बहुत कड़ा कर चुके हैं। भारत सहित अन्य देशों से आने-जाने वाले प्रवासियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी के बहकावे में आकर या अनजान सामान लाना भारी पड़ सकता है। कुवैत की अदालतें अब ऐसे मामलों में बिना किसी ढील के सख्त सजा सुना रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में ड्रग तस्करी के लिए क्या सजा है
कुवैत के नए कानून (अमीरी डिक्री-लॉ नंबर 59) के तहत गंभीर ड्रग तस्करी, संगठित अपराध और प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी के लिए मौत की सजा का प्रावधान है।
तुर्की नागरिक को मौत की सजा क्यों मिली
तुर्की नागरिक को कुवैत एयरपोर्ट पर 102 ग्राम कोकीन और 22.4 ग्राम साइकोट्रोपिक पदार्थों के साथ तस्करी करते हुए पकड़ा गया था, जिसकी सजा को कोर्ट ऑफ अपील ने बरकरार रखा।
