रविवार, 12 जुलाई 2026 को कुवैत की सीमाओं और तेल बुनियादी ढांचे पर एक आक्रामक ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले के कारण कुवैत के तीन उत्तरी सीमावर्ती पोस्ट और एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा है। घटना में एक कर्मचारी घायल हुआ है, जिसके बाद खाड़ी देशों में चिंता का माहौल है।
घटना की आधिकारिक जानकारी
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Saud Abdulaziz Al-Atwan ने इस हमले को एक कायराना हरकत बताया है। उन्होंने पुष्टि की कि कुवैत ऑयल कंपनी के ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को जानबूझकर निशाना बनाया गया। क्षेत्रीय तनाव के बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बाद यह घटना सामने आई है। हालांकि कुवैत ने अभी किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन रिपोर्टों में इसे ईरानी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
UAE ने जताई कड़ी आपत्ति
यूएई के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया है। यूएई ने कुवैत के साथ एकजुटता दिखाई है और घायल कर्मचारी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इस घटना पर अरब लीग, मिस्र और GCC ने भी अपनी नाराजगी जताई है और हमले को क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा माना है।
