Kuwait और UAE ने मिलकर ग्राहकों को बचाने और व्यापार में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक समझौता (MoU) किया है। इस कदम से दोनों देशों में सामान खरीदने वाले लोगों को अब ज़्यादा सुरक्षा मिलेगी और बाज़ार में पारदर्शिता आएगी।
यह समझौता 29 जनवरी को साइन किया गया था, जिसे कुवैत के Decree No. 105 of 2026 के तहत मंजूरी मिली। यह खबर Official Gazette Kuwait Alyawm में भी प्रकाशित हो चुकी है। इस समझौते पर कुवैत के Ministry of Commerce and Industry और UAE के Ministry of Economy and Tourism की मुहर लगी है।
समझौते के मुख्य बिंदु
दोनों देशों ने तय किया है कि वे ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक-दूसरे के साथ अनुभव और डिजिटल तरीके साझा करेंगे। इसके तहत निम्नलिखित काम किए जाएंगे:
- बाज़ार में सामानों की कीमतों पर निगरानी रखना।
- ग्राहकों की शिकायतों का जल्द निपटारा करना।
- लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए कैंपेन चलाना।
- खराब या दोषपूर्ण उत्पादों को बाज़ार से वापस मंगाने पर काम करना।
- सही कॉम्पिटिशन को बढ़ावा देना ताकि कोई कंपनी मनमानी न कर सके।
कैसे होगा लागू
इस पूरे काम की देखरेख के लिए एक Joint Working Group बनाया जाएगा। इसमें दोनों देशों के उपभोक्ता संरक्षण विभाग (consumer protection departments) के अधिकारी शामिल होंगे। यह ग्रुप समय सीमा तय करेगा और यह देखेगा कि योजना सही से चल रही है या नहीं। समझौते के मुताबिक, हर देश अपने हिस्से के खर्च खुद उठाएगा।
डिजिटल धोखाधड़ी पर भी सख्ती
इसी बीच, कुवैत ने 1 मार्च 2026 को Decree-Law No. 10/2026 लागू किया है, जो डिजिटल कॉमर्स को रेगुलेट करेगा। वहीं UAE में Federal Decree-Law No. 42 of 2023 पहले से ही लागू है, जो कमर्शियल फ्रॉड को रोकता है। इसके अलावा, UAE के सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने 15 मई 2026 को निर्देश दिए थे कि डिजिटल धोखाधड़ी और ब्रांड की नकल रोकने के लिए सुरक्षा सिस्टम को और मज़बूत किया जाए।
