अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। कुवैत में भी इसका असर दिख रहा है, लेकिन इस मुश्किल वक्त में कुवैत के लोग अपनी सरकार और सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं। देश की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं ताकि आम जनता सुरक्षित रहे।

👉: Hormuz Strait Attack: भारतीय जहाजों पर हुआ हमला, विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया

कुवैत की सुरक्षा के लिए क्या तैयारी हुई?

कुवैत की सेना और गृह मंत्रालय ने सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला किया है। आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल खालिद अल-शुरायन और गृह मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी मेजर जनरल अब्दुलवाहब अल-वहैब के बीच एक बड़ी मीटिंग हुई। इस बैठक में तय हुआ कि सेना और पुलिस मिलकर काम करेंगे ताकि देश में शांति बनी रहे और किसी भी हमले का सामना किया जा सके।

युद्ध और क्षेत्रीय तनाव की मुख्य बातें

विवरण जानकारी
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
मुख्य पक्ष अमेरिका और इजरायल बनाम ईरान
प्रभावित क्षेत्र कुवैत, GCC देश और लेबनान
अंतरराष्ट्रीय मदद ब्रिटेन ने सैन्य संपत्ति तैनात की
UN का रुख शांति और बातचीत की अपील
तनाव का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)

आम जनता और नेताओं का क्या कहना है?

अल-हवाजर कबीले के शेख मोहम्मद बिन शबान ने कहा कि कुवैती लोग हर संकट में अपने नेतृत्व के साथ हैं। उन्होंने सेना और पुलिस की तारीफ की जो लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। कुवैत के लोग अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबोर अल-सबा और क्राउन प्रिंस के प्रति अपनी वफादारी जता रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.