कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में युद्ध के दौरान लापता हुए लोगों के मुद्दे पर अपनी गहरी चिंता जताई है। मानव अधिकारों के लिए सहायक विदेश मंत्री Sheikha Jawaher Al-Sabah ने कहा कि यह समय उन परिवारों को न्याय दिलाने का है जिनके अपने अब तक नहीं मिले हैं। कुवैत इस दिशा में लगातार काम कर रहा है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
Sheikha Jawaher Al-Sabah ने UNSC में क्या कहा?
21 मई 2026 को एक खुली बहस के दौरान Sheikha Jawaher Al-Sabah ने बताया कि सशस्त्र संघर्ष या युद्ध में जब लोग लापता हो जाते हैं, तो उनके परिवार बहुत मुश्किल समय से गुजरते हैं। उन्होंने साफ किया कि कुवैत न्याय और मानवीय गरिमा के सिद्धांतों पर चलता है। इसी वजह से देश अपने उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है जो अब तक लापता हैं ताकि उनके परिवारों को न्याय मिल सके।
कुवैत इस मुद्दे पर अब तक क्या कर चुका है?
कुवैत लंबे समय से लापता लोगों की समस्या को हल करने में आगे रहा है। इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2474 (2019) को अपनाने में कुवैत ने नेतृत्व किया था। यह प्रस्ताव मुख्य रूप से लापता लोगों की खोज, उनकी पहचान और शवों को सम्मान के साथ वापस लाने जैसे मानवीय कार्यों पर जोर देता है।
Sheikha Jawaher Al-Sabah का अनुभव और भूमिका
Sheikha Jawaher Al-Sabah फिलहाल मानव अधिकार मामलों के लिए सहायक विदेश मंत्री हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का बड़ा अनुभव है। वह 2017 से 2020 तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सुरक्षा परिषद में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत ने UNSC में किस मुख्य मुद्दे पर बात की?
कुवैत ने युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में लापता हुए लोगों (MIAs) की समस्या और उनके परिवारों को न्याय दिलाने पर बात की।
प्रस्ताव 2474 (2019) का क्या महत्व है?
यह एक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव है जिसे अपनाने में कुवैत ने नेतृत्व किया था, जो लापता लोगों की खोज, पहचान और सम्मानजनक वापसी पर केंद्रित है।
