अमेरिका ने कुवैत को लगभग 1.98 अरब डॉलर के एंटी-ड्रोन सिस्टम बेचने की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 जून 2026 को इस महत्वपूर्ण रक्षा सौदे को अपनी मंजूरी दी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुवैत अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने में लगातार काम कर रहा है। इस सौदे के तहत कुवैत को आधुनिक एंटी-ड्रोन प्लेटफॉर्म और उससे जुड़े जरूरी उपकरण मिलेंगे ताकि हवाई खतरों से समय रहते निपटा जा सके।

इस रक्षा सौदे से जुड़ी मुख्य बातें और कौन सी कंपनी बनाएगी यह सिस्टम?

इस बड़े रक्षा सौदे को अमेरिकी विदेश विभाग ने मंजूरी दी है। इस सौदे से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:

  • कुल कीमत: यह डील लगभग 1.98 अरब डॉलर की है।
  • मुख्य ठेकेदार: इस सिस्टम को बनाने का मुख्य काम अमेरिकी कंपनी एंडुरिल (Anduril) को दिया गया है।
  • सिस्टम का काम: यह एंटी-ड्रोन प्लेटफॉर्म हवा में उड़ने वाले बिना पायलट के ड्रोनों को पहचानने और उन्हें नाकाम करने का काम करेगा।

हाल ही में कुवैत पर हुए थे हवाई हमले और अन्य रक्षा सौदे

कुवैत की सीमा पर लगातार बढ़ते हवाई खतरों को देखते हुए यह डील बेहद जरूरी मानी जा रही है। कुवैत की सेना ने हाल ही में 1 जून 2026 और 28 मई 2026 को अपनी सीमा में घुस रहे दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया था। इन हमलों के बाद अपनी हवाई रक्षा प्रणाली को मजबूत करना कुवैत के लिए बहुत जरूरी हो गया था।

इससे पहले भी साल 2026 में कुवैत ने अमेरिका से कई बड़े रक्षा सौदे किए हैं। 19 मार्च 2026 को अमेरिका ने कुवैत को राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के तहत आपातकालीन प्रक्रियाओं के जरिए 8 अरब डॉलर के मिसाइल डिफेंस रडार (LTAMDS) बेचने की मंजूरी दी थी। इसके बाद मई 2026 में 2.5 अरब डॉलर के इंटीग्रेटेड बैटल कमांड सिस्टम (IBCS) की बिक्री को भी मंजूरी मिली थी, जिससे कुवैत अपनी पूरी हवाई सुरक्षा को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और कुवैत के बीच एंटी-ड्रोन डील की कुल कीमत कितनी है?

इस एंटी-ड्रोन रक्षा सौदे की कुल कीमत लगभग 1.98 अरब डॉलर है, जिसे 5 जून 2026 को मंजूरी मिली।

कुवैत के लिए इस एंटी-ड्रोन सिस्टम को बनाने वाली मुख्य कंपनी कौन सी है?

इस रक्षा सौदे के तहत अमेरिकी कंपनी एंडुरिल मुख्य ठेकेदार के रूप में काम करेगी और सिस्टम तैयार करेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.