गुरुवार 23 जुलाई 2026 को कुवैत के अब्दाली बॉर्डर पर स्थित पासपोर्ट बिल्डिंग को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। इस हमले में किसी की जान तो नहीं गई लेकिन काफी नुकसान हुआ है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इसे एक आपराधिक हमला करार दिया है और कहा है कि इराक की ओर से आए दो ड्रोन में विस्फोटक लगे हुए थे। इस घटना के बाद कुवैत ने एहतियात के तौर पर अब्दाली और इराक के सफवान बॉर्डर को फिलहाल के लिए बंद कर दिया है, जिससे लोगों की आवाजाही और व्यापार रुक गया है।

US बेस पर भी हमले की पुष्टि

अब्दाली बॉर्डर पर हुए हमले के कुछ घंटों बाद ईरान की सेना ने कुवैत में मौजूद तीन अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने की जिम्मेदारी ली है। ईरान का दावा है कि उन्होंने Camp Doha, Ali Al Salem Air Base और Camp Arifjan को निशाना बनाया है, जिसमें वहां मौजूद गोदाम, ईंधन टैंकर और गोला-बारूद के डिपो को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

जांच के लिए कमेटी का गठन

इराक के गृह मंत्री Abdel Amir al-Shammari ने कुवैत बॉर्डर पर हुए इस हमले की निंदा की है और कहा है कि इससे दोनों देशों के बीच के रिश्तों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने दोषियों को पकड़ने के लिए जांच कमेटी बनाने का भरोसा दिया है। इसके अलावा सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कुवैत की सुरक्षा का पूरा समर्थन किया है और इराक से इस मामले में जिम्मेदारी निभाने की अपील की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.