ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर अब खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। 20 जुलाई 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत के Ali Al Salem Air Base को निशाना बनाने का दावा किया है। इस हमले में अमेरिकी एविएशन फैसिलिटी और रडार सिस्टम को नुकसान पहुँचाने की बात कही गई है।

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तनाव के बीच अमेरिका की सख्त चेतावनी

अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका अपने सैनिकों की मौत का बदला कई गुना बढ़ाकर लेगा। हाल ही में जॉर्डन और इराक में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिकी सेना ने CENTCOM के जरिए ईरान के ठिकानों पर लगातार नौवीं रात हमले किए हैं। इन हमलों में तबरीज़ और बुशहर जैसे शहरों में बने मिलिट्री और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इसे फुल-स्केल वॉर बताया है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि ईरान ने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों के फंसने का दावा किया है और इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फ्रांस ने अपने दूतावास के अधिकारियों को ईरान द्वारा हिरासत में लेने के बाद सख्त नाराजगी जताई है। हालांकि, पर्दे के पीछे युद्धविराम की कोशिशें भी चल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com