कुवैत सरकार ने देश में रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों (Expats) के लिए एक सख्त कानूनी चेतावनी जारी की है। डिप्टी अटॉर्नी जनरल अहमद अल-कंदरी ने बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति दूसरे देशों, खासकर खाड़ी देशों (GCC) के साथ कुवैत के रिश्तों को नुकसान पहुंचाने वाला काम करता है, तो उसे भारी कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। यह नियम सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने वालों पर भी सख्ती से लागू किया गया है।

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किन हरकतों पर मिलेगी 3 साल की जेल?

स्टेट सिक्योरिटी कानून के आर्टिकल 4 के तहत कुछ खास कामों को गंभीर अपराध माना गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या X (ट्विटर) पर किसी पोस्ट को बस ‘शेयर’ करना भी अपराध की श्रेणी में आएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:

  • सजा: दोषी पाए जाने पर कम से कम 3 साल की अनिवार्य जेल की सजा दी जाएगी।
  • वीडियो और ऑडियो: दूसरे देशों में होने वाली घटनाओं का मजाक उड़ाने या उन्हें बढ़ावा देने वाले वीडियो फैलाना प्रतिबंधित है।
  • अफवाहें: ऐसी कोई भी गलत खबर जिससे जनता में घबराहट पैदा हो या देश की स्थिरता को खतरा हो, उस पर रोक है।
  • दायरा: यह कानून GCC देशों (सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, ओमान) और अन्य मित्र राष्ट्रों के साथ संबंधों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है।

प्रवासियों और आम जनता के लिए जरूरी निर्देश

कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी क्षेत्रीय तनाव या राजनीतिक मुद्दे पर अपनी निजी राय देने से बचें। गृह मंत्रालय और पब्लिक प्रॉसिक्यूशन अब डिजिटल कंटेंट की कड़ाई से निगरानी कर रहे हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने अपील की है कि लोग केवल आधिकारिक सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। क्षेत्रीय हालातों को देखते हुए किसी भी तरह की टिप्पणी कुवैत के राजनैतिक और आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतें।

विषय विवरण
कानूनी आधार स्टेट सिक्योरिटी कानून, आर्टिकल 4
न्यूनतम सजा 3 साल की जेल
जिम्मेदार अधिकारी अहमद अल-कंदरी (डिप्टी अटॉर्नी जनरल)
जांच एजेंसी पब्लिक प्रॉसिक्यूशन और गृह मंत्रालय