कुवैत में लगातार बज रही चेतावनी की सायरन ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के अनुसार, 6 जून 2026 को देश भर में एक बार फिर सायरन की आवाजें सुनी गईं। हाल ही में ईरान द्वारा दागे गए 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 17 हमलावर ड्रोनों के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इस हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और 63 लोग घायल हुए हैं। कुवैत में रह रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों के लिए सरकार ने विशेष गाइडलाइन जारी की है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
ईरान के हमले से कुवैत में भारी नुकसान, क्या है ताजा स्थिति?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सैन्य बलों ने ईरान की ओर से दागे गए कम से कम 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 17 अटैक ड्रोनों को ट्रैक कर हवा में ही मार गिराया। कुवैत सेना के जनरल स्टाफ ने बताया कि हवा में मिसाइलें नष्ट होने के बाद उनका मलबा रिहायशी इलाकों और कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरा। सेना के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी गिरे हुए मलबे या अज्ञात वस्तु को हाथ न लगाएं, क्योंकि इससे बड़ा खतरा हो सकता है। इससे पहले जून की शुरुआत में भी लगातार तीन दिनों तक कुवैत के ऊपर रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया था।
सायरन बजने पर क्या करें? सिविल डिफेंस की जरूरी गाइडलाइन
कुवैत के गृह मंत्रालय और सिविल डिफेंस विभाग ने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सायरन की आवाजों को समझने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है। जनरल फायर फोर्स के लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्ला अल-हाजी ने सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी साझा की है:
- धीमी और रुक-रुक कर बजने वाली सायरन: यह किसी संभावित खतरे या आपदा की चेतावनी देती है, जिससे लोगों को सतर्क हो जाना चाहिए।
- उतार-चढ़ाव वाली लगातार सायरन: इसका मतलब है कि देश पर हमला हुआ है और खतरा बेहद करीब है। ऐसे में तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाना चाहिए।
- एक जैसी आवाज वाली लंबी सायरन: इसका मतलब है कि खतरा टल चुका है और अब सब ठीक है।
- बचाव के तरीके: सायरन बजने पर घबराएं नहीं और शांत रहें। तुरंत घर की गैस और बिजली बंद कर दें, ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित दूरी पर रखें, लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें और सीधे बेसमेंट या निचले फ्लोर पर बने शेल्टर में चले जाएं। खिड़कियों और खुले स्थानों से दूर रहना जरूरी है।
अमेरिकी दूतावास की एडवाइजरी और सुरक्षा अलर्ट
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हुए हमलों को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने अपने नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और लगातार सतर्क रहने को कहा है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और साफ शब्दों में कहा है कि कुवैत अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ हिंसक गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। कुवैत में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक मीडिया पर आने वाली खबरों पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में सायरन क्यों बजाए जा रहे हैं?
कुवैत पर हाल ही में हुए हवाई हमलों और सुरक्षा तैयारियों के कारण चेतावनी सायरन बजाए जा रहे हैं। सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अपनी वायु सेना प्रणालियों को सक्रिय किया हुआ है।
कुवैत में हुए हवाई हमलों में कितना नुकसान हुआ है?
ईरान द्वारा दागे गए 13 मिसाइलों और 17 ड्रोनों के हमले के कारण कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रिहायशी इलाकों में मलबा गिरा, जिससे 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 63 लोग घायल हो गए हैं।
सायरन बजने पर नागरिकों को क्या करने की सलाह दी गई है?
नागरिकों को शांत रहकर गैस और बिजली बंद करने, लिफ्ट का उपयोग न करने, खिड़कियों से दूर रहने और तुरंत बेसमेंट या सुरक्षित शेल्टर में जाने की सलाह दी गई है।
