इंटरनेट और डिजिटल दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। Kuwait ने ईरान और उसके साथियों पर इंटरनेट केबल्स को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। अगर ये समुद्र के नीचे बिछी केबल्स खराब हुई तो पूरे इलाके में डिजिटल कामकाज ठप हो सकता है। इस गंभीर मुद्दे पर Kuwait ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज़ उठाई है।

ℹ: Jeddah Summit Update: GCC देशों ने मिलाया हाथ, ईरान की हरकतों पर सऊदी लेगा बड़ा फैसला, जल्द जारी होगी रिपोर्ट

Kuwait ने ITU काउंसिल में क्या कहा?

Kuwait के राजदूत Nasser Al-Hain ने Geneva में International Telecommunication Union (ITU) काउंसिल के सामने एक बयान दिया। 28 अप्रैल 2026 को उन्होंने साफ कहा कि ईरान और उसके सहयोगी देश संचार क्षेत्र पर खुलेआम हमले कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की हरकतें किसी भी देश की संप्रभुता और डिजिटल सुरक्षा के खिलाफ हैं। राजदूत ने चेतावनी दी कि अगर इन केबल्स को नुकसान पहुँचाया गया तो यह एक तरह का डिजिटल नाकाबंदी जैसा होगा जिससे ग्लोबल बिजनेस और जानकारी के लेन-देन पर बुरा असर पड़ेगा।

ईरान की कौन सी हरकतों ने बढ़ाई चिंता?

इस चेतावनी के पीछे कुछ बड़ी वजहें सामने आई हैं। हाल ही में 22 से 24 अप्रैल 2026 के बीच ईरान की सरकारी मीडिया Tasnim News Agency ने फारस की खाड़ी में बिछी इंटरनेट केबल्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का नक्शा जारी किया था। इसे कई देशों ने एक धमकी के तौर पर देखा है। इसके अलावा, UAE और Bahrain में Amazon Web Services के सेंटरों पर ईरानी ड्रोन हमलों की खबरें भी आईं, जिससे यह साफ हो गया कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अब निशाने पर है।

GCC और Jordan ने मिलकर क्या कदम उठाए?

इस खतरे से निपटने के लिए Kuwait अकेला नहीं है। GCC देशों और Jordan ने मिलकर एक ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया है और इसे ITU के सामने रखा है। Kuwait ने ITU संविधान के आर्टिकल 37 और 40 का हवाला दिया है, जो देशों को सीमा पार होने वाले हानिकारक हस्तक्षेप को रोकने और जरूरी सेवाओं की रक्षा करने का निर्देश देते हैं। सभी सदस्य देशों से अपील की गई है कि वे डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर सख्त कदम उठाएं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Kuwait ने ईरान पर क्या आरोप लगाए हैं?

Kuwait ने आरोप लगाया है कि ईरान और उसके सहयोगी देश इंटरनेट की संचार व्यवस्था और समुद्र के नीचे बिछी केबल्स पर हमले कर रहे हैं ताकि डिजिटल नाकाबंदी की जा सके।

इस विवाद में GCC देशों की क्या भूमिका है?

GCC देशों और Jordan ने मिलकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए एक ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि इस तरह के हमलों को रोका जा सके।