कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के गलत इस्तेमाल पर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। कुवैत का कहना है कि समुद्री रास्तों को राजनीतिक या पैसों के लिए इस्तेमाल करना ‘लीगल पाइरेसी’ यानी कानूनी लूट के जैसा है। इस तरह की हरकतों से पूरी दुनिया की सप्लाई चेन खराब हो सकती है और जरूरी दवाइयां व नई टेक्नोलॉजी लोगों तक नहीं पहुंच पाएंगी।

कुवैत ने ‘लीगल पाइरेसी’ किसे कहा और क्यों?

संयुक्त राष्ट्र में कुवैत के प्रतिनिधि Ambassador Nasser Al-Hain ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों, खासकर Strait of Hormuz पर कब्जा करना या वहां अवैध फीस वसूलना गलत है। उन्होंने कहा कि यह UN Convention on the Law of the Sea के आर्टिकल 26 का खुला उल्लंघन है। अगर जहाजों को रोका गया, तो इससे दुनिया भर के व्यापार और पेटेंट वाली नई खोजों के आने-जाने में दिक्कत आएगी।

ईरान और उसके सहयोगियों पर लगाए गंभीर आरोप

कुवैत ने ईरान की सरकार और उसके समर्थकों की हरकतों की कड़ी निंदा की है। कुवैत के मुताबिक:

  • ईरान और उसके प्रॉक्सी ग्रुप्स बंदरगाहों और जरूरी सुविधाओं के लिए खतरा बन गए हैं।
  • इन हरकतों से दूसरे देशों की संप्रभुता का उल्लंघन होता है।
  • कुवैत ने UN Security Council के Resolution 2817 का पूरी तरह पालन करने की मांग की है।
  • विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने भी साफ कहा है कि Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है और यहां किसी की मनमानी नहीं चलेगी।

दुनिया के अन्य देशों का क्या रुख है?

इस मामले में कुवैत ने France और United Kingdom की तारीफ की है, क्योंकि ये देश समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने में मदद कर रहे हैं। साथ ही, 21 अप्रैल 2026 को Arab League की एक इमरजेंसी मीटिंग भी हुई थी। इस मीटिंग में अरब देशों ने ईरान द्वारा किए गए हमलों और समुद्री सुरक्षा पर चिंता जताई। इसका सीधा असर उन व्यापारियों और प्रवासियों पर पड़ता है जो गल्फ देशों के जरिए सामान मंगवाते या भेजते हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com