कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए मौसम विभाग ने एक ज़रूरी अलर्ट जारी किया है। कुवैत मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के लिए बेहद गर्म मौसम और तेज़ धूल भरी हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। विभाग के मुताबिक, इस दौरान तापमान सामान्य से काफी ज़्यादा रहेगा और तेज़ हवाओं के कारण धूल उड़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बाहर काम करने वाले प्रवासियों को इस मौसम में खास सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
शुक्रवार 5 जून को कैसा रहेगा कुवैत का मौसम?
कुवैत मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार 5 जून 2026 को मौसम काफी गर्म रहने वाला है और धूल उड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है। इस दिन के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
- अधिकतम तापमान: शुक्रवार को अधिकतम तापमान 45°C तक जाने का अनुमान है।
- न्यूनतम तापमान: रात के समय न्यूनतम तापमान 31°C तक गिर सकता है।
- हवा की गति: उत्तर-पश्चिमी से उत्तरी हवाएं 15 से 42 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
शनिवार 6 जून को 47 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
शनिवार को गर्मी और भी गंभीर रूप ले सकती है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए और अधिक गर्म मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है:
- अधिकतम तापमान: शनिवार को दिन में पारा बढ़कर 47°C तक पहुंच सकता है।
- न्यूनतम तापमान: रात के समय न्यूनतम तापमान 33°C रहने की उम्मीद है।
- हवा की गति: शनिवार को उत्तर-पश्चिमी हवाएं 12 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है, जिससे धूल उड़ने की स्थिति बनी रहेगी।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और मौसम विभाग की सलाह
कुवैत मौसम विभाग, जो नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के तहत काम करता है, ने आधिकारिक तौर पर यह अपडेट जारी किया है। तेज़ हवाओं और उड़ती धूल के कारण सड़कों पर दृश्यता (visibility) कम हो सकती है, इसलिए गाड़ी चलाते समय लोगों को बेहद सावधान रहने को कहा गया है। विशेष रूप से अस्थमा या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को धूल भरी हवाओं के दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में 5 और 6 जून को अधिकतम तापमान कितना रहेगा?
कुवैत मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार 5 जून को अधिकतम तापमान 45°C और शनिवार 6 जून को अधिकतम तापमान 47°C तक पहुंचने की उम्मीद है।
क्या इन दिनों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है?
हां, दोनों दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं 12 से 42 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे धूल उड़ने और दृश्यता कम होने की संभावना है।
