कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) द्वारा मानवीय सहायता तक पहुंच से जुड़े एक प्रस्ताव को अपनाने का स्वागत किया है। इस प्रस्ताव की शुरुआत कुवैत ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर की थी। इसका मुख्य मकसद दुनिया भर में जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुँचाना आसान बनाना है।

कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) के मुताबिक, इस प्रस्ताव का पास होना मानवीय सहायता को सुरक्षित और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुवैत की सक्रिय भूमिका को सामने लाता है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के जरिए मानवीय जरूरतों को पूरा किया जा सके।

जिनेवा में कुवैत के स्थायी प्रतिनिधि Nasser Al-Hayen ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार परिषद को दुनिया भर में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। उन्होंने खासतौर पर गाजा जैसे इलाकों में मानवीय सहायता के रास्ते बिना किसी रुकावट के खुले रखने की मांग की और युद्ध को तुरंत रोकने की बात कही।

कुवैत को 9 सितंबर 2014 से ही अंतरराष्ट्रीय मानवीय केंद्र माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने कुवैत के अमीर को ‘Humanitarian Leader’ का खिताब भी दिया है, क्योंकि कुवैत संकट में फंसे देशों की मदद करने और लोगों के दुख कम करने में जुटा रहता है।

इसके अलावा, कुवैत International Committee of the Red Cross (ICRC) के साथ मिलकर भी काम कर रहा है। इसके तहत सोमालिया में मानवीय कार्यों और सूडान में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए समझौते किए गए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.