Kuwait की कैबिनेट ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए हुए एक समझौते का स्वागत किया है। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से पूरे इलाके में लंबे समय तक शांति और स्थिरता आएगी। यह चर्चा बुधवार, 17 जून 2026 को हुई कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक में की गई।

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इस बैठक की अध्यक्षता Acting Prime Minister और Interior Minister Sheikh Fahad Yusuf Saud Al-Sabah ने की। इस समझौते पर औपचारिक तौर पर शुक्रवार, 19 जून 2026 को Switzerland के Geneva शहर में हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे पहले 15 जून को Kuwait के विदेश मंत्रालय ने भी इस समझौते का स्वागत किया था।

शांति के लिए जरूरी शर्तें

Kuwait की कैबिनेट ने कहा कि यह डील दोनों देशों के बीच बचे हुए विवादों का स्थायी समाधान निकालेगी। सरकार ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए कुछ खास बातों पर जोर दिया है, जिनमें शामिल हैं:

  • एक-दूसरे का सम्मान करना और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल न देना।
  • किसी भी स्थिति में बल या ताकत का इस्तेमाल न करना।
  • अच्छे पड़ोसी की तरह रहना और भरोसा बढ़ाना।
  • दूसरे देशों में प्रॉक्सी गतिविधियों (Proxy Activities) का समर्थन बंद करना।

कैबिनेट ने उम्मीद जताई कि इस डील से सभी मोर्चों पर सैन्य ऑपरेशन तुरंत रुक जाएंगे और Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना सुरक्षित हो जाएगा। Kuwait ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के हिसाब से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का समर्थन किया है।

बड़े नेताओं की बातचीत

इस मामले में His Highness the Amir Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al-Sabah ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ब्रिटेन के King Charles III से फोन पर बात की है। इस समझौते को करवाने में Pakistan और Qatar ने अहम भूमिका निभाई और दोनों देशों की सोच को करीब लाने में मदद की।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ होने वाले हवाई हमलों को रद्द कर दिया है और अब बातचीत सबसे ऊपरी स्तर पर चल रही है। Geneva में होने वाली बैठक में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi भी शामिल होंगे।