अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते से खाड़ी देशों में शांति की उम्मीद जगी है। Kuwait ने इस कदम का खुलकर स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ेगी। इस मामले को लेकर Kuwait के विदेश मंत्री और ईरान के विदेश मंत्री के बीच फोन पर लंबी बातचीत भी हुई है।

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार 18 जून 2026 को Kuwait के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah और ईरान के विदेश मंत्री Dr. Abbas Araqchi के बीच फोन पर बात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की। Sheikh Jarrah ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते (MoU) से इलाके में शांति आएगी और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित होगी।

ईरान के विदेश मंत्री Dr. Abbas Araqchi ने Kuwaiti मंत्री को ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ की पूरी जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देशों के साथ बातचीत जारी रखना जरूरी है ताकि पुरानी गलतफहमियों को दूर किया जा सके और आपसी सहयोग बढ़ाया जा सके।

इससे पहले, बुधवार 17 जून 2026 को Kuwait की कैबिनेट की बैठक हुई थी। इस बैठक की अध्यक्षता Acting Prime Minister और Interior Minister Sheikh Fahad Yousef Saud Al-Sabah ने की। कैबिनेट ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि सैन्य अभियानों का तुरंत और स्थायी रूप से बंद होना एक बहुत अच्छा कदम है। सरकार ने इस समझौते को करवाने में पाकिस्तान और कतर जैसे देशों द्वारा की गई कोशिशों की भी तारीफ की।

Kuwait ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का पूरी तरह पालन करता है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी देश को दूसरे देश के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देना चाहिए और प्रॉक्सी युद्ध (दूसरे देशों के जरिए लड़ाई) को खत्म करना चाहिए। Kuwait के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस समझौते को तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।