कुवैत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 2,182 लोगों की नागरिकता वापस ले ली है। इस फैसले का असर उन लोगों के परिवार वालों और आश्रितों पर भी पड़ा है जिन्होंने उनके जरिए नागरिकता हासिल की थी। यह पूरी कार्रवाई कुवैत के नागरिकता कानून की समीक्षा और नियमों को सख्ती से लागू करने के तहत की गई है।
नागरिकता क्यों छीनी गई और इसके पीछे क्या कारण हैं?
यह कार्रवाई अमीरी डिक्री नंबर 15 (1959) के तहत की गई है। सरकार के मुताबिक जिन लोगों ने धोखाधड़ी, गलत कागजात या झूठे बयानों के जरिए नागरिकता ली थी, उन्हें अब इस लिस्ट में रखा गया है। इसके अलावा बिना अनुमति के दोहरी नागरिकता रखना भी इस कार्रवाई का एक बड़ा कारण रहा है। आंतरिक मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबाह ने कहा कि कुवैत में कानून से ऊपर कोई नहीं है।
प्रभावित लोगों के लिए सरकार ने क्या राहत दी है?
नागरिकता छीनने के साथ ही सरकार ने कुछ लोगों के अधिकारों को बचाने का फैसला भी लिया है। 12 अप्रैल 2026 को काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने उन लोगों के लिए विशेष उपाय किए जिन्होंने ‘विशिष्ट सेवाओं’ (Article Five) के तहत नागरिकता पाई थी। इन लोगों की नौकरी, बिजनेस लाइसेंस और पेंशन जैसी सुविधाओं को सुरक्षित रखा जाएगा ताकि उन्हें ज्यादा आर्थिक परेशानी न हो। स्वास्थ्य और वाणिज्य मंत्रालय को इसके लिए जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
नागरिकता रद्द करने के अभियान का अब तक का विवरण
| तारीख/समय | नागरिकता रद्द होने वालों की संख्या | कारण |
|---|---|---|
| दिसंबर 2025 | 4 लोग और उनके परिवार | गलत दस्तावेज और धोखाधड़ी |
| फरवरी 2026 | 9 लोग और उनके परिवार | धोखाधड़ी और गलत बयान |
| 13 अप्रैल 2026 | 2,182 लोग और उनके परिवार | नागरिकता कानून का उल्लंघन |
