कुवैत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 2,192 लोगों और उनके परिवार वालों की नागरिकता वापस ले ली है. यह फैसला आधिकारिक गजट Kuwait Alyawm में प्रकाशित आठ अलग-अलग फरमानों के जरिए लिया गया है. इस कार्रवाई से वहां रहने वाले लोगों के बीच काफी हलचल है क्योंकि अब नागरिकता नियमों को लेकर सख्ती बढ़ गई है.

नागरिकता क्यों छीनी गई

सरकार ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई नागरिकता कानूनों के नियमों के तहत की गई है. अप्रैल 2026 में आए नए बदलावों (Decree-Law No. 52/2026) के बाद सरकार के पास अब ज्यादा अधिकार हैं. अगर किसी ने धोखाधड़ी, गलत जानकारी या फर्जी कागजात के जरिए नागरिकता ली है, तो उसे छीना जा सकता है. इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से दूसरे देश की नागरिकता लेता है, तो भी उसकी कुवैत की नागरिकता खत्म हो जाएगी. राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने या सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर भी यह नियम लागू होगा.

कितने लोगों पर हुई कार्रवाई

यह फैसला जून 2026 में लिया गया, जिसमें अलग-अलग फरमानों के जरिए लोगों की नागरिकता रद्द की गई. इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

फरमान नंबर (Decree No.) प्रभावित लोगों की संख्या
Decree No. 90 of 2026 26
Decree No. 91 of 2026 5
Decree No. 92 of 2026 1,594
Decree No. 93 of 2026 491
Decree No. 94 of 2026 1
Decree No. 95 of 2026 4
Decree No. 96 of 2026 2
Decree No. 97 of 2026 70

अधिकारियों का क्या कहना है

कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahd Al-Yousef ने इस मामले में गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि नागरिकता फर्जीवाड़े में कुछ सरकारी अधिकारी और न्यायपालिका के सदस्य भी शामिल हो सकते हैं. सरकार का कहना है कि वह अपनी राष्ट्रीय पहचान को बचाने के लिए यह सब कर रही है और पूरी प्रक्रिया कानून के हिसाब से ही पूरी की जाएगी.

परिवारों पर पड़ेगा असर

यह कार्रवाई सिर्फ मुख्य व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों पर भी असर पड़ेगा जिन्होंने उनके जरिए नागरिकता पाई थी. ऐसे कई परिवार होंगे जिनके सदस्यों के कुवैती पासपोर्ट भी रद्द हो जाएंगे. बताया गया है कि साल 2024 के अंत से यह अभियान चल रहा है और 15 अप्रैल 2026 तक कुल 71,059 मामले सामने आ चुके हैं.