कुवैत में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर लिखने से पहले सावधान हो जाएं। कुवैत की एक अदालत ने एक कुवैती महिला को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सांप्रदायिक तनाव भड़काने और दुश्मन देश के प्रति सहानुभूति दिखाने के आरोप में 3 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला 3 जून 2026 को सुनाया गया है, जिसमें कोर्ट ने अपने पुराने फैसले को बदलते हुए महिला को जेल भेजने का आदेश दिया है।
ईरान के समर्थन में पोस्ट करने पर क्यों हुई सजा?
कुवैत इस समय सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। 28 फरवरी 2026 से देश पर लगातार हवाई हमले और मिसाइल दागे जा रहे हैं। हाल ही में 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी बड़ा हमला हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। ऐसे नाजुक समय में महिला ने सोशल मीडिया पर कुवैत पर हमला करने वाले देश के समर्थन में पोस्ट किया था। कोर्ट ने इसे देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना और महिला को सीधे जेल की सजा सुना दी।
कुवैत में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के क्या हैं नियम?
कुवैती सरकार सोशल मीडिया और इंटरनेट सुरक्षा को लेकर बहुत सख्त है। साइबर अपराध विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि कोई भी व्यक्ति युद्ध, सैन्य अभियानों या मिसाइल हमलों से जुड़ा कोई भी कंटेंट शेयर न करे। कुवैत के सूचना प्रौद्योगिकी अपराध कानून (कानून संख्या 63 साल 2015) के तहत झूठी खबरें फैलाना या सांप्रदायिक नफरत फैलाना गंभीर अपराध माना जाता है।
कुवैत में पिछले कुछ महीनों में इस तरह के मामलों में कई लोगों को सजा मिल चुकी है:
- 23 अप्रैल 2026: कोर्ट ने देश की सुरक्षा को खतरे में डालने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप में 17 लोगों को 3-3 साल की सजा सुनाई थी।
- 7 मई 2026: कोर्ट ने एक धर्मगुरु समेत 11 लोगों को 3 से 5 साल की जेल की सजा सुनाई थी।
- 3 अप्रैल 2026: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर विवादित पोस्ट करने के लिए एक नागरिक को 4 साल की जेल हुई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में सोशल मीडिया पर किस तरह की चीजें पोस्ट करने की मनाही है?
कुवैत में सेना, युद्ध, मिसाइल हमलों या सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले किसी भी फोटो, वीडियो या कंटेंट को सोशल मीडिया पर शेयर या रीपोस्ट करना पूरी तरह गैरकानूनी है।
कुवैत में झूठी खबर या नफरत फैलाने पर क्या सजा मिल सकती है?
कुवैत के साइबर कानून के तहत इसके लिए दोषी पाए जाने पर 2 से 5 साल तक की जेल और 5 हजार कुवैती दीनार तक का भारी जुर्माना हो सकता है।
