कुवैत सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा और शांति के मामलों में और आगे बढ़ाने के लिए एक नया एक्शन प्लान तैयार किया है. इसके लिए नेशनल कमेटी की एक खास मीटिंग हुई जिसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई. इस पूरी प्रक्रिया का मकसद महिलाओं को देश के महत्वपूर्ण फैसलों और सुरक्षा कामों में शामिल करना है.
यह मीटिंग रविवार, 5 जुलाई 2026 को हुई. इसकी अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के मानवाधिकार विभाग की असिस्टेंट फॉरेन मिनिस्टर और कमेटी की चेयरपर्सन एंबेसडर शेखा जवाहिर इब्राहिम दुईज अल-सबाह ने की. इस बैठक में UN ESCWA की विमेन सेंटर डायरेक्टर नादा दरवाज़ेह भी शामिल थीं.
महिलाओं के लिए क्या है नया प्लान
मीटिंग में UN के प्रस्ताव 1325 को लागू करने के लिए नए नेशनल एक्शन प्लान की समीक्षा की गई. इस प्लान का मुख्य उद्देश्य शांति बनाए रखने, विवादों को सुलझाने और नेतृत्व के पदों पर महिलाओं की बराबर की भागीदारी सुनिश्चित करना है. एंबेसडर शेखा जवाहिर ने कहा कि कुवैत महिलाओं को सुरक्षा और न्याय के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
कुवैत में महिलाओं की बड़ी उपलब्धियां
सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण में हुए कुछ बड़े कामों की जानकारी भी दी:
- रक्षा मंत्रालय: पहली बार 59 महिला अधिकारियों ने ग्रेजुएशन पूरा किया.
- कुवैत फायर फोर्स: 33 महिला स्पेशलिस्ट अधिकारियों का पहला बैच तैयार हुआ.
- नेवल कॉलेज: यूके के रॉयल नेवल कॉलेज में पहली तीन महिला अधिकारियों ने दाखिला लिया.
- न्याय विभाग: अवातिफ अल-सनाद को न्याय मंत्रालय में पहली महिला अंडरसेक्रेटरी नियुक्त किया गया.
- कोर्ट: 27 महिलाओं को कोर्ट सचिव के रूप में नियुक्त किया गया.
- विशेष उपलब्धि: ऑफिसर फातिमा अल-मुताइरी सैन्य विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल करने वाली पहली कुवैती महिला अधिकारी बनीं.
बता दें कि कुवैत ने दिसंबर 2023 में अपनी नेशनल कमेटी बनाई थी और 2021 में इस दिशा में पहला नेशनल एक्शन प्लान शुरू किया था. UN का यह प्रस्ताव 1325 साल 2000 में अपनाया गया था, जो शांति और सुरक्षा के कामों में महिलाओं की भूमिका को अहम मानता है.
