कुवैत सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को शांति का सबसे जरूरी हिस्सा बताया है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को हिंसा से बचाना देश और समाज की शांति के लिए बहुत जरूरी है। यह कदम महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
घरेलू हिंसा के खिलाफ नया कानून
कुवैत सरकार ने मार्च 2026 में घरेलू हिंसा के खिलाफ एक नया कानून (Decree No. 11 of 2026) लागू किया है। यह कानून पुराने नियम (Law No. 16 of 2020) की जगह लाया गया है ताकि पीड़ितों को तुरंत और असरदार मदद मिल सके। नए कानून के तहत शारीरिक, मानसिक, यौन या आर्थिक नुकसान पहुंचाना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आएगा।
यह कानून शादीशुदा जोड़ों, परिवार के करीब के रिश्तेदारों और बच्चों को पूरी सुरक्षा देता है। इसके तहत कुछ खास अधिकार दिए गए हैं:
- प्रोटेक्शन ऑर्डर: कोर्ट तुरंत आदेश जारी कर हमलावर को घर से बाहर निकाल सकता है और उससे संपर्क करने पर रोक लगा सकता है।
- रहने और इलाज का इंतजाम: पीड़ित महिला के लिए रहने की जगह और इलाज के खर्च की व्यवस्था की जाएगी।
- सख्त सजा: कानून तोड़ने वालों, शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डालने वालों और झूठी रिपोर्ट करने वालों के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
खास बात यह है कि बच्चों, बुजुर्गों और यौन हिंसा के मामलों में किसी भी तरह के समझौते या शिकायत वापस लेने की अनुमति नहीं होगी।
शिकायत दर्ज करने के तरीके
सामाजिक मामलों की मंत्री डॉ. अमथल अल-हुवेला ने फरवरी 2026 में घरेलू हिंसा की रिपोर्ट करने और शेल्टर होम चलाने के लिए नए नियम बनाए हैं। अब पीड़ित महिलाएं इन जगहों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं:
- Ministry of Interior (गृह मंत्रालय)
- Public Prosecution (पब्लिक प्रॉसिक्यूशन)
- अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान
- काउंसलिंग सेंटर और सामाजिक संस्थाएं
इन नियमों का मकसद महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना और उनकी गरिमा को बचाना है।
दुनिया भर में चर्चा
कुवैत का यह फैसला वैश्विक स्तर पर महिलाओं की स्थिति सुधारने की कोशिशों से मेल खाता है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी कहा कि बिना महिलाओं की भागीदारी के शांति के प्रयास अधूरे हैं। UN Secretary-General ने भी यौन हिंसा को रोकने और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।