कुवैत में बिजली संयंत्रों पर हाल ही में हुए हमलों के बाद सरकार अब काम के घंटों में और कमी करने पर विचार कर रही है। 17 जुलाई और 19 जुलाई 2026 को बिजली और पानी के प्लांट पर हुए हमलों से इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं को मंत्रालय ने ईरानी आक्रामकता करार दिया है।
कामकाजी घंटों में बदलाव की तैयारी
बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MEW) के अनुसार, 17 से 19 जुलाई के बीच हुए हमलों में कई बिजली उत्पादन इकाइयां क्षतिग्रस्त हो गईं और उनमें आग लग गई। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसके लिए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों ने बताया कि फायर फोर्स और सुरक्षा टीमें अभी भी नुकसान का आकलन करने और प्रभावित इकाइयों को बहाल करने में जुटी हैं।
प्रवासियों और नागरिकों के लिए निर्देश
कुवैत में पहले से ही जून, जुलाई और अगस्त के लिए दफ्तरों में काम के घंटे कम किए गए थे, लेकिन ताजा हमलों के बाद और कड़े कदम उठाने की चर्चा है। मंत्रालय ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से इस मुश्किल दौर में बिजली की खपत कम करने की अपील की है। मंत्री डॉ. सुबैह अल-मुखैज़िम और अंडरसेक्रेटरी डॉ. आदेल अल-ज़मील पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि बिजली की आपूर्ति को जल्द से जल्द स्थिर किया जा सके।
