कुवैत के लिए अप्रैल का महीना बहुत मुश्किल रहा। खबर है कि इस महीने कुवैत ने एक भी बैरल कच्चा तेल बाहर नहीं भेजा। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी कर रखी है, जिसकी वजह से तेल के टैंकरों का रास्ता रुक गया और सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई।

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कुवैत में तेल सप्लाई क्यों रुकी और क्या हुआ

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने 17 अप्रैल 2026 को force majeure घोषित किया था। आसान भाषा में कहें तो कंपनी ने ग्राहकों को बताया कि हालात बहुत खराब हैं और वह अपने वादे के मुताबिक तेल की डिलीवरी नहीं कर पाएगी। यह कदम ईरान द्वारा फरवरी 2026 से की गई नाकाबंदी की वजह से उठाया गया।

  • ईरान ने 28 फरवरी 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था।
  • अमेरिका ने भी 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी।
  • KPC ने साफ किया कि इस नाकाबंदी के कारण डिलीवरी करना नामुमकिन हो गया था।

तेल उत्पादन और ट्रैफिक पर पड़ा असर

इस पूरे विवाद का असर सिर्फ कुवैत पर ही नहीं बल्कि पूरे इलाके पर पड़ा। मार्च के आखिर तक यहाँ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 93 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। कुवैत में तेल का उत्पादन गिरकर उस स्तर पर पहुँच गया जो 1990 के दशक में इराक के हमले के समय था।

विवरण आंकड़ा/जानकारी
ट्रांजिट वॉल्यूम में गिरावट 93 प्रतिशत (31 मार्च तक)
बंदरगाहों पर लोडिंग में कमी 76 प्रतिशत (मार्च में)
कुल उत्पादन नुकसान (अनुमानित) 9 मिलियन बैरल प्रतिदिन
KPC द्वारा फोर्स मेज्योर की तारीख 17 अप्रैल 2026

हालांकि Al Jazeera की रिपोर्ट में जीरो एक्सपोर्ट की बात कही गई है, लेकिन KPC के मुताबिक कुछ सप्लाई जारी रह सकती थी, पर हालात इतने खराब थे कि व्यापार लगभग खत्म हो गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने force majeure क्यों घोषित किया था

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने 17 अप्रैल 2026 को यह घोषणा की क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी कर रखी थी, जिससे तेल की डिलीवरी करना असंभव हो गया था।

तेल उत्पादन पर इसका क्या असर पड़ा

कुवैत का तेल उत्पादन गिरकर 1990 के दशक के स्तर पर पहुँच गया और पूरे क्षेत्र में लगभग 9 मिलियन बैरल प्रतिदिन का उत्पादन बंद हो गया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.