कुवैत में नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर है. कुवैती दीनार के मुकाबले भारतीय रुपये के भाव में बड़ा बदलाव आया है. महज पांच साल के भीतर कुवैती दीनार की कीमत में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. 11 मार्च को एक कुवैती दीनार की कीमत 299.80 रुपये के करीब पहुंच गई है. इससे कुवैत में काम करने वाले लोग अब पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे अपने घर भारत भेज पा रहे हैं.

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5 सालों में कैसे बदला कुवैती दीनार का भाव

साल 2021 में कुवैती दीनार की कीमत काफी कम थी. 13 मार्च 2021 को 1 कुवैती दीनार के लिए भारत में 239.66 रुपये मिलते थे. वहीं 11 मार्च 2026 को यह भाव बढ़कर 299.80 रुपये हो गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि पिछले पांच सालों में दीनार की कीमत में 25 प्रतिशत का उछाल आया है. कुवैती दीनार दुनिया की सबसे मजबूत करंसी मानी जाती है और इसका सीधा फायदा वहां रहने वाले प्रवासियों को मिल रहा है.

भारतीयों की सैलरी पर क्या पड़ रहा है असर

दीनार का भाव बढ़ने से कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सैलरी की वैल्यू भारत में बढ़ गई है. अगर कोई व्यक्ति कुवैत में 1000 दीनार कमाता है, तो साल 2021 में उसकी भारतीय रुपये में वैल्यू 2 लाख 39 हजार 660 रुपये होती थी. लेकिन अब 299 के भाव के हिसाब से उसी 1000 दीनार की वैल्यू 2 लाख 99 हजार 800 रुपये हो गई है. यानी बिना सैलरी बढ़े ही भारतीयों को हर महीने करीब 60 हजार रुपये का अतिरिक्त फायदा हो रहा है. इस वजह से Al Mulla Exchange, LuLu Exchange और Joyalukkas जैसे एक्सचेंज हाउस में पैसे भेजने वालों की भीड़ काफी देखी जा रही है.

दीनार के मजबूत होने की असली वजह

सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) अपनी करंसी को अंतरराष्ट्रीय करंसी के एक बास्केट से जोड़कर रखता है, जिसमें अमेरिकी डॉलर सबसे अहम है. भारत का रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है, जिसका सीधा असर कुवैती दीनार और रुपये के एक्सचेंज रेट पर दिखता है. इसके अलावा अब ज्यादातर प्रवासी मोबाइल ऐप के जरिए पैसे भेज रहे हैं, जहां उन्हें 299.80 का अच्छा रेट मिल रहा है. भारत में परिवार के खर्च के लिए भेजे जाने वाले इन पैसों पर कोई टैक्स भी नहीं लगता है.