दुबई पोर्ट के पास मंगलवार सुबह कुवैत के एक बड़े कच्चे तेल के टैंकर Al-Salmi पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे जहाज पर आग लग गई। दुबई सरकार और अग्निशमन दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने इसे एक सीधा और आपराधिक हमला करार दिया है और जहाज में तेल भरा होने के कारण समुद्र में रिसाव की चेतावनी भी दी है। राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।
Al-Salmi टैंकर और हमले से जुड़ी मुख्य बातें
इस घटना से जुड़ी तकनीकी और जरूरी जानकारी नीचे दी गई है जिससे स्थिति को समझने में आसानी होगी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जहाज का नाम | Al-Salmi (VLCC) |
| घटना का समय | 31 मार्च 2026, रात 12:10 बजे |
| क्रू मेंबर्स की संख्या | 24 (सभी सुरक्षित) |
| जहाज का कार्गो | कच्चा तेल (पूरी तरह भरा हुआ) |
| हमले का प्रकार | ड्रोन हमला |
| हमले का स्थान | दुबई पोर्ट से 31 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम |
सुरक्षा और वर्तमान स्थिति पर क्या बोले अधिकारी?
- दुबई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि समुद्री अग्निशमन दल ने स्थिति को संभाल लिया है और आग को बुझा दिया गया है।
- UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के अनुसार, टैंकर के दाहिने हिस्से पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था।
- कुवैती सेना ने भी मंगलवार को बताया कि उनकी हवाई सुरक्षा प्रणालियां संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही हैं।
- विशेषज्ञ अभी जहाज के ढांचे को हुए नुकसान का तकनीकी आंकलन कर रहे हैं ताकि संभावित तेल रिसाव को रोका जा सके।
- इस हमले का आरोप ईरान पर लगाया गया है, हालांकि अभी तक ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
- खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए समुद्री व्यापारिक रास्तों पर सुरक्षा की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
