लाहौर के लोग इन दिनों बिजली की भारी कटौती और महंगे बिलों से बहुत परेशान हैं। गर्मी के मौसम में बिजली न होने से आम जनता और व्यापारियों का काम ठप्प पड़ गया है। LESCO की कम सप्लाई और लाइनों में होने वाले नुकसान ने लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है जिससे शहर में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

लाहौर में बिजली संकट और कटौती के मुख्य कारण क्या हैं?

लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (LESCO) के मुताबिक शहर में बिजली की मांग और सप्लाई के बीच बड़ा अंतर है। इसकी वजह से कई इलाकों में बिना बताए बिजली काट दी जाती है।

  • बिजली की मांग: शहर में कुल मांग लगभग 2,400 मेगावाट (MW) तक पहुँच गई है।
  • कुल सप्लाई: नेशनल पावर कंट्रोल सेंटर (NPCC) से केवल 2,280 मेगावाट सप्लाई मिल रही है।
  • कमी: लगभग 120 मेगावाट की कमी की वजह से कई घंटों का लोडशेडिंग करना पड़ रहा है।
  • प्रभावित इलाके: ग्रीन टाउन, टाउनशिप, चाइना स्कीम, बागबानपुरा, जीटी रोड और सबज़ाज़ार जैसे इलाकों में 3 घंटे से ज़्यादा बिजली गुल रही है।

LESCO अधिकारियों का कहना है कि जिन इलाकों में बिजली चोरी ज़्यादा होती है और लाइन लॉस अधिक है, वहां कटौती ज़्यादा की जा रही है ताकि सिस्टम को स्थिर रखा जा सके।

बिजली समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने क्या कहा?

बिजली संकट और बढ़ते बिलों को देखते हुए सरकार ने हाल ही में कुछ कदम उठाए हैं और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

  • प्रधानमंत्री का निर्देश: 2 मई 2026 को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए बैठक की। उन्होंने बिजली दरों को स्थिर करने और घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत देने की बात कही।
  • सुधार के उपाय: सरकार ने बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) को बढ़ावा देने का फैसला किया है।
  • मंत्री का बयान: पावर मिनिस्टर औवैस अहमद खान लेघारी ने 2 मई 2026 को बताया कि LNG कार्गो आने के बाद लोडशेडिंग खत्म हो गई है और अब सप्लाई बिना किसी रुकावट के मिलेगी।

जानकारी के मुताबिक, रेगुलेटर बॉडी NEPRA ने अक्टूबर 2025 में LESCO पर बिजली के नुकसान और प्रदर्शन मानकों को पूरा न करने के कारण 25 मिलियन रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लाहौर में बिजली की कटौती का मुख्य कारण क्या है?

मुख्य कारण डिमांड और सप्लाई का अंतर है। जहाँ मांग 2,400 मेगावाट है, वहीं सप्लाई सिर्फ 2,280 मेगावाट है, जिससे 120 मेगावाट की कमी हो गई है।

क्या सरकार ने बिजली बिलों और कटौती पर कोई एक्शन लिया है?

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 2 मई 2026 को मीटिंग की और बिजली दरों को स्थिर करने व बिजली चोरी रोकने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।