नेपाल-चीन सीमा पर हुआ बड़ा भूस्खलन, व्यापारिक मार्ग पर स्थित सशस्त्र पुलिस बेस को भारी नुकसान.

नेपाल और चीन के बीच व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले सिंधुपालचोक जिले के भोटेकोशी तातोपानी क्षेत्र में कुदरत का कहर देखने को मिला है। यहां भीषण भूस्खलन के कारण सशस्त्र प्रहरी बल (Armed Police Force - APF) के सीमा सुरक्षा बेस यानी बीओपी (BOP) को काफी नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि इस बड़ी प्राकृतिक आपदा के बावजूद वहां तैनात किसी भी सुरक्षाकर्मी को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बताए गए हैं।
भूस्खलन से बीओपी परिसर का हाल
सशस्त्र प्रहरी बल से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना गुरुवार देर रात करीब 1:15 बजे घटित हुई। बीओपी के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित करीब 200 से 300 मीटर ऊंची पहाड़ी अचानक खिसक गई और मलबे के साथ विशाल पत्थर सीधे बीओपी परिसर में आ गिरे। इस घटना में परिसर की कई संरचनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भूस्खलन का असर इतना तेज था कि पहली पंक्ति की बैरक की एक खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया और दूसरी पंक्ति की बैरक की दीवार तथा टीन की छत में कई जगह छेद हो गए।
क्षतिग्रस्त हुई सुरक्षा चौकियां
अधिकारियों ने बताया कि सीमा सुरक्षा बेस में स्थित एक ड्यूटी पोस्ट पूरी तरह से टूटकर मलबे में तब्दील हो गई है, जबकि दूसरी ड्यूटी पोस्ट को भी आंशिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा परिसर में लगा राष्ट्रीय ध्वज का पोल भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। सशस्त्र प्रहरी बल के अनुसार, सुरक्षा बेस के बाथरूम, भंडार स्टोर भवन और मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बनी सीढ़ियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
यह इलाका नेपाल और चीन के बीच व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था काफी अहम मानी जाती है। सुरक्षा बलों ने बताया कि फिलहाल स्थिति का आकलन किया जा रहा है और किसी भी तरह की मानवीय क्षति न होने से बड़ी राहत है। भूस्खलन के कारण सुरक्षा बेस के सामान्य कामकाज में अस्थाई बाधा जरूर आई है, लेकिन बल अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए सतर्क बना हुआ है। इस संबंध में अधिक जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से साझा की गई है। स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित इस संवेदनशील क्षेत्र में आवाजाही करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि पहाड़ी इलाकों में बरसात के समय इस तरह के हादसे अक्सर चिंता का विषय बने रहते हैं।