कुवैत सरकार की एक उच्च स्तरीय समिति, जो देश में चैरिटी और मानवीय कार्यों को नियंत्रित करने का जिम्मा निभा रही है। इस समिति ने बुधवार को एक नए कानून के मसौदे को मंजूरी दी है। इस कानून का मकसद चैरिटी संगठनों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

यह समिति, जिसकी अध्यक्षता पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ अल-सबाह कर रहे हैं, पिछले कई महीनों से देश और विदेश में काम कर रहे चैरिटी संगठनों पर सरकारी निगरानी को सख्त करने की दिशा में काम कर रही थी।

इस मंजूरी से पहले, सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने देश के अधिकतर इस्लामी संस्थाओं द्वारा संचालित चैरिटी संगठनों को कुछ हफ्तों के लिए रोक दिया था, ताकि उन्हें ठीक ढंग से विनियमित किया जा सके। मंत्रालय और समिति दोनों ने संगठनों के कार्यों की पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी निगरानी मजबूत करने के लिए कड़े नियम लागू किए।

इस कानून के तहत:

  • संगठनों की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी

  • सरकार की निगरानी को औपचारिक और कानूनी रूप दिया जाएगा

  • मानवीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन की क्षमता बढ़ाई जाएगी

जैसे ही यह कानून आधिकारिक रूप से पास होगा, इससे चैरिटी कार्यों की नीति और नियमों में सुधार होगा और जनता का इन संगठनों पर विश्वास भी बढ़ेगा। गौरतलब है कि कुवैत ने पिछले कई दशकों से मध्य पूर्व और अफ्रीका में बड़ी संख्या में चैरिटी कार्य किए हैं और खाड़ी देशों में इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है।

Vandana Upadhyay

4 वर्ष तक देश के बड़े अखबारी प्रकाशनो में काम करने के उपरांत मैं अब GulfHindi में अपनी सेवा दे रही हूँ। उम्मीद हैं मेरी लेखनी आप सब को खबरों से सही और सटीक रूबरू कराएगी.