लेबनान में इज़रायली हमले में पत्रकार की मौत, पीएम ने कहा युद्ध अपराध, बचाव दल पर भी हुई गोलीबारी
दक्षिण लेबनान में इज़रायली हवाई हमले ने एक बार फिर तबाही मचाई है। इस हमले में अल-अखबार अखबार की 43 साल की पत्रकार Amal Khalil की जान चली गई। उनका शव मलबे से निकालने में कई घंटे लगे क्योंकि बचाव कर्मियों को भी निशाना बनाया गया था। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
हमला कैसे हुआ और कौन-कौन प्रभावित हुए?
यह घटना बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को हुई। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पहले हमले में दो लोगों की मौत हुई और फिर दूसरे हमले में उस घर को निशाना बनाया गया जहाँ Amal Khalil और उनकी साथी Zeinab Farraj ने शरण ली थी। इस हमले में पत्रकार Amal Khalil की मौत हो गई, जबकि स्वतंत्र फोटोग्राफर Zeinab Farraj घायल हो गईं। बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी मुश्किल हुई क्योंकि इज़रायली बलों ने उन पर गोलीबारी की थी।
लेबनानी सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया क्या है?
लेबनान के प्रधानमंत्री Nawab Salam ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पत्रकारों को निशाना बनाने और राहत टीमों को रोकने को “युद्ध अपराध” बताया और कहा कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया जाएगा। सूचना मंत्री Paul Morcos ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का बड़ा उल्लंघन कहा। वहीं, International Federation of Journalists (IFJ) और Committee to Protect Journalists (CPJ) ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है और बचाव कार्य में बाधा डालने की निंदा की है।
इज़रायली सेना का दावा और मौजूदा स्थिति क्या है?
इज़रायली सेना ने कहा कि वह इस पूरी घटना की समीक्षा कर रही है। सेना ने जानबूझकर पत्रकारों को निशाना बनाने या बचाव कार्य रोकने से इनकार किया है। उनका दावा है कि गांव के कुछ लोगों ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था, जिससे उनके सैनिकों के लिए खतरा पैदा हुआ। साथ ही उन्होंने हिजबुल्लाह से जुड़े दो वाहनों को निशाना बनाने की बात कही है। दूसरी ओर, लेबनान अब इज़रायल के साथ शांति वार्ता में संघर्ष विराम को एक महीने और बढ़ाने की मांग करेगा, जबकि वाशिंगटन में इस मुद्दे पर बातचीत होनी है।