लेबनान के दक्षिणी गांव अल-तिरी में एक इसराइली हवाई हमले में पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई। वह अल-अखबार अखबार के लिए काम करती थीं और अक्टूबर 2023 से युद्ध की कवरेज कर रही थीं। बुधवार 22 अप्रैल 2026 को उनके शव को मलबे से बाहर निकाला गया। इस हमले में एक और पत्रकार ज़ैनब फराज घायल हुई हैं जिन्हें रेड क्रॉस ने बचाया।

👉: US CENTCOM का दावा, ईरान के जहाज नहीं तोड़ पाए नाकाबंदी, मीडिया रिपोर्ट्स को बताया गलत

क्या था पूरा मामला और कैसे हुई घटना

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों के मुताबिक अमल खलील और उनकी साथी पत्रकार एक घर में शरण लिए हुए थीं। इसराइली सेना ने पहले हमला किया और फिर उसी घर को निशाना बनाया जहां वे छिपी थीं। इस हमले में 43 वर्षीय अमल खलील की जान चली गई। वहीं फ्रीलांस फोटोग्राफर ज़ैनब फराज इस हमले में घायल हो गईं जिन्हें बाद में अस्पताल पहुंचाया गया।

रेस्क्यू टीम के साथ क्या हुआ और किसने क्या कहा

लेबनानी रेड क्रॉस ने बताया कि जब उनकी टीम बचाव कार्य के लिए पहुंची, तो इसराइली सेना ने एम्बुलेंस पर स्टन ग्रेनेड और लाइव गोला-बारूद चलाया। लेबनान के सूचना मंत्री पॉल मोर्कोस ने इस घटना की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया। दूसरी तरफ इसराइली सेना ने कहा कि उन्होंने वहां मौजूद लड़ाकों को निशाना बनाया था। सेना ने पत्रकारों के घायल होने की खबर मिलने की बात तो मानी लेकिन बचाव टीम को रोकने से इनकार किया।

Ceasefire के बीच यह हमला कितना गंभीर है

यह हमला ऐसे समय में हुआ जब इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच 16 अप्रैल से 10 दिनों का युद्धविराम चल रहा था। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में कम से कम पांच लोगों की जान गई, जिससे यह ceasefire के बाद का सबसे घातक दिन बन गया। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने इस घटना पर चिंता जताई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसराइल पर दबाव बनाने की मांग की है ताकि बचाव कार्यों में बाधा न आए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.