लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम का बड़ा ऐलान, इस्राइल की सेना को पूरी तरह से देश से बाहर करने की खाई कसम

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने 21 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार लेबनान की धरती से इस्राइल की सेना को पूरी तरह से हटाने के लिए हरसंभव कोशिश करेगी। यह बड़ा बयान तब सामने आया जब लेबनान के राष्ट्रपति जोसफ आउन ने 20 अगस्त 2026 को वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV, वेटिकन के विदेश मंत्री कार्डिनल पिएत्रो परोलिन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सचिव आर्कबिशप पॉल रिचर्ड गैलाघेर से मुलाकात की थी। इस उच्च स्तरीय बैठक का मकसद लेबनान में चल रहे गंभीर संघर्ष को रोकना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बहाल करना था। राष्ट्रपति ने वेटिकन के इन बड़े नेताओं से अपील की कि वे इस्राइल पर दबाव बनाएं ताकि वह 26 जून को हुए फ्रेमवर्क समझौते को मान सके।
वेटिकन से लगाई मदद की गुहार
राष्ट्रपति जोसफ आउन ने वेटिकन के सामने लेबनान के हालातों की पूरी जानकारी रखी और बताया कि कैसे वहां के हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। उन्होंने वेटिकन से कहा कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इस्राइल को जून के समझौते का पालन करने के लिए मनाए। आपको बता दें कि अमेरिका के समर्थन से तैयार किए गए इस समझौते में यह तय हुआ था कि इस्राइल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना को धीरे-धीरे वापस बुलाएगा। इसके बदले में हिजबुल्लाह संगठन को अपने हथियार छोड़ने होंगे। हालांकि, हिजबुल्लाह ने फिलहाल इन शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है और अपने हथियार डालने से मना कर दिया है। वेटिकन के अधिकारियों ने लेबनान में चल रहे संघर्ष और जून के समझौते को लागू करने में आ रही दिक्कतों पर गहरी चिंता जताई। साथ ही, वेटिकन ने कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने और लेबनान को हरसंभव समर्थन देने का पूरा भरोसा दिया है।
हिंसा और तबाही के डराने वाले आंकड़े
लेबनान के अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, जब से यह संघर्ष 2 मार्च को और ज्यादा तेज हुआ है, तब से वहां भारी तबाही देखने को मिली है। इस्रायली सैन्य अभियानों की वजह से लेबनान में अब तक 4,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, इस भीषण हिंसा के कारण 10 लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस्राइल की सेना अभी भी दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों पर कब्जा जमाए हुए है। इनमें से कुछ ऐसे इलाके हैं जहां इस्राइल दशकों से काबिज है, तो कुछ हिस्से 2023 से 2024 के बीच चले संघर्ष के दौरान छीने गए थे। मौजूदा समय में इस्रायली सैनिक लेबनान की सीमा के अंदर 10 किलोमीटर से ज्यादा आगे बढ़ चुके हैं और वहां अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।