लेबनान ने इसराइल के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक बड़ी शिकायत दर्ज कराई है। लेबनान का आरोप है कि इसराइल ने उसके दक्षिणी इलाकों में खतरनाक केमिकल का छिड़काव किया है। इस मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है क्योंकि लेबनान ने इसके सबूत भी पेश किए हैं।

👉: Saudi Arabia New Law: सऊदी सरकार का आदेश, खाली जमीन मालिकों को सुधारना होगा हाल, वरना होगी कानूनी कार्रवाई

लेबनान के विदेश मंत्रालय ने इस हफ्ते UN सुरक्षा परिषद और महासचिव को एक औपचारिक चिट्ठी भेजी है। इस शिकायत को 14 जून 2026 को जारी किया गया। लेबनान के मुताबिक यह घटना इस साल फरवरी में हुई थी, जिसमें इसराइल ने उसकी सीमा के अंदर केमिकल का इस्तेमाल किया था।

इस मामले में लेबनान के कृषि और पर्यावरण मंत्रालयों ने मिट्टी की गहन जांच करवाई। ऐता अल-शाब, रास नकुरा और धायरा जैसे सीमावर्ती गांवों से मिट्टी के सैंपल लिए गए। लैब टेस्ट की रिपोर्ट में पाया गया कि मिट्टी में ग्लाइफोसेट (glyphosate) नाम के खरपतवार नाशक केमिकल की मात्रा सामान्य से 20 से 30 गुना ज्यादा थी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे खेती, जमीन की उपजाऊ शक्ति और पर्यावरण पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे लेबनान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और पर्यावरण और स्वास्थ्य के खिलाफ एक अपराध बताया। वहीं, UN के शांति मिशन UNIFIL को इसराइल ने पहले ही सूचना दी थी कि वह सीमा के पास एक गैर-विषाक्त पदार्थ का छिड़काव करेगा। हालांकि, बाद में UNIFIL ने इस गतिविधि को अस्वीकार्य बताया और इसे UN प्रस्ताव 1701 का उल्लंघन माना।

शिकायत में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि इसराइल ने हाल ही में लेबनानी सेना की एक गाड़ी को निशाना बनाया। लेबनान का कहना है कि इस तरह के हमले उन बातचीत की कोशिशों को कमजोर करते हैं जो युद्ध खत्म करने के लिए की जा रही हैं।

मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के केमिकल का इस्तेमाल आम नागरिकों के लिए गंभीर मानवीय जोखिम पैदा कर सकता है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। दूसरी तरफ, इसराइल के अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है, बस इतना कहा था कि छिड़का गया पदार्थ जहरीला नहीं था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.